झांसी। नगर निगम के अधिकारियों ने अमृत योजना के तहत बनाए गए पार्कों में फव्वारा लगाने के नाम पर बड़ा घपला सामने आया है। पार्कों में फव्वारे अलग-अलग नाप के लगाए गए है। लेकिन भुगतान एक जैसा कर दिया गया। हालात यह हैं कि फव्वारा लगाने की नाप पुस्तिका में भी कई घालमेल हैं। इसे लेकर कार्यकारिणी सदस्यों ने सीएम समेत नगर आयुक्त से शिकायत कर पुस्तिका की जांच की मांग की है।
महानगर में अमृत योजना के तहत निर्मित वृंदावन लाल वर्मा पार्क में 28.5 फीट का फव्वारा लगाया गया था। इस फव्वारे को लगाने में नगर निगम ने 7.80 लाख रुपये का भुगतान किया गया। इसके बाद अमृत योजना से ही गढ़िया गांव में पार्क का निर्माण कराया गया। यहां के लिए बनाए गए एस्टीमेट में वृंदावनलाल वर्मा पार्क जैसा फव्वारा लगाने के लिए टेंडर किया गया था। लेकिन अधिकारियों ने इसमें घालमेल कर दिया। गढ़िया गांव में 12 फीट का फव्वारा लगाया गया और इसका भुगतान भी 7.80 लाख रुपये कर दिया गया। इसे लेकर पिछले दिनों कार्यकारिणी सदस्यों ने फव्वारे की नाप में अंतर और भुगतान एक सा होने पर उन्होंने नाप पुस्तिका देखी, तो उसमें भी घालमेल मिला। इसे लेकर कार्यकारिणी सदस्यों ने सीएम, नगर विकास मंत्री, प्रमुख सचिव नगर विकास, मंडलायुक्त झांसी और नगर आयुक्त को पत्र देकर नाप पुस्तिका की जांच की मांग की है। कार्यकारिणी सदस्यों का आरोप है कि ठेकेदार को लाभ पहुंचाने और अपनी जेब भरने के लिए अधिकारियों ने दोनों के नाप एक जैसी दिखाकर घपला किया है।
अमृत की टीम भी कर चुकी निरीक्षण
अमृत योजना के तहत पार्क या अन्य कोई निर्माण होने के बाद राज्य स्तर से टीम आकर निरीक्षण करती है। इसके बाद योजना के तहत प्रस्तावित अवशेष भुगतान जारी किया जाता है। ऐेसे में सवाल उठ रहा है कि टीम को भी निरीक्षण में कमी नजर नहीं आई और शासन स्तर से भी भुगतान कर दिया गया?
बोले पार्षद
पार्कों में फव्वारा लगाने में घालमेल किया गया है। दोनों फव्वारों की माप अलग-अलग है। लेकिन 7.80 लाख रुपये का भुगतान किया गया है। इसकी जांच होनी चाहिए। - विमलकिशोर
पार्क में जब फव्वारे अलग-अलग नाप के हैं, तो भुगतान एक सा कैसे हो सकता है। इसकी शिकायत सीएम से की गई है। माप पुस्तिका में भी कई घालमेल किए गए हैं। - दिनेश सिंह दीपू
मामला संज्ञान में आया है। दोनों पार्क के फव्वारों के एस्टीमेट में एक सी राशि थी। लेकिन अगर नाप अलग-अलग है, तो भुगतान भी अलग होना चाहिए। दोनों पार्क की फाइलें मंगवाई हैं, इसकी जांच कराई जाएगी। अधिशासी अभियंता और अवर अभियंता को सख्त निर्देश दिए गए हैं। अभी ठेकेदार का कुछ भुगतान रुका हुआ है। अंतर मिलने पर भुगतान में कटौती की जाएगी। एलएन सिंह, मुख्य अभियंता नगर निगम।