झांसी। नगर निगम चुनाव के मद्देनजर रविवार को ‘अमर उजाला संवाद’ का आयोजन किया गया, जिसमें महानगर के तीन वार्डों के पार्षद और क्षेत्रीय नागरिक शामिल हुए। पार्षदों ने अपने कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाईं और वे काम भी बताए, जिनको न कर पाने का उन्हें मलाल है। दूसरी तरफ, क्षेत्रीय लोगों ने बेबाकी से संबंधित वार्ड क्षेत्र की समस्याओं को उठाकर पार्षदों को आइना दिखाया। अच्छे काम की सराहना भी की। संवाद का यह सिलसिला जारी रहेगा।
वार्ड नंबर - 34 दीनदयाल नगर (नया - 35)
- दीनदयाल नगर, ताज कंपाउंड, नंदनपुरा, आंशिक सूर्यपुरम
- पार्षद - संजीव पटैरिया
- आबादी - 8,000
- मतदाता - 6,400
पार्षद के दावे
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पार्षद संजीव पटैरिया ने बताया कि उन्होंने अपने कार्यकाल में नई सड़कों का निर्माण कराया और पुरानी का जीर्णोद्धार कराया। वार्ड की शत प्रतिशत सड़कें पक्की हैं। इसके अलावा क्षेत्र के सत्तर फीसदी हिस्से की नालियां स्मार्ट सिटी की परिकल्पना के अनुरूप ढंकी हुई हैं। सभी कंजरवेसी दुरुस्त कराईं। वार्ड में एक भी पार्क नहीं था। लंबी लड़ाई के बाद भारत माता पार्क का निर्माण कराया। अभी कई काम और होने हैं। इनके टेंडर भी निकल चुके हैं। वार्ड को बुनियादी सुविधाओं से संतृप्त किया गया।
इसका मलाल
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ताज कंपाउंड का नाला अतिक्रमण मुक्त नहीं हो पाया, जिससे जल भराव होता है। नंदनपुरा से आगे की सड़क का अतिक्रमण नहीं हट पाया, जिससे यहां आवागमन अवरुद्ध बना रहता है।
बोले क्षेत्रीय लोग
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अतिक्रमण की चपेट में सड़क
अतिक्रमण से वार्ड की सड़कों का बुरा हाल है। सरकारी जमीन पर चबूतरे बना रखे हैं। घरों के बाहर चौपहिया वाहन खड़े रहते हैं। इससे आवागमन में भारी परेशानी होती है। जगह - जगह जाम की स्थिति बनी रहती है। नंदनपुरा की गली के आखिर तक गाड़ी ले जाने के लिए लोगों के दरवाजे खटखटाने पड़ते हैं। इसके अलावा पानी की भी समस्या है।
- सुरेंद्र
छुट्टा जानवरों की धमाचौकड़ी
वार्ड में छुट्टा जानवरों की भरमार है। गाय और कुत्तों के जगह - जगह झुंड जमा रहते हैं। इससे सड़कों पर आवागमन अवरुद्ध होता है। आए दिन कुत्ते लोगों का हमला करते हैं। खासतौर पर दुपहिया वाहन चालक इनका शिकार बनते हैं। बच्चे और बुजुर्गों को भी खतरा बना रहता है। बावजूद, वार्ड की इस बड़ी समस्या के समाधान की दिशा में काम नहीं किया गया।
- वीरेंद्र पांडेय
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वार्ड नंबर - 45 डढ़ियापुरा (नया - 27)
- डढ़ियापुरा, राजपूत नगर, शिवाजी नगर, आवास विकास, मुर्गा मछली मार्केट
- पार्षद - राघवेंद्र कुशवाहा
- आबादी - 18,000
- मतदाता - 11,000
पार्षद के दावे
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पार्षद राघवेंद्र कुशवाहा ने बताया कि वार्ड में नालों की बड़ी समस्या थी, लेकिन उन्होंने अपने कार्यकाल में क्षेत्र के सभी नालों को पक्का कराया। क्षेत्र की नब्बे फीसदी सड़कें भी पक्की हैं। आदिवासी बस्ती में राजीव गांधी आवास योजना के तहत पचास मकानों का निर्माण कराया। शौचालय का निर्माण कराया। सफाई व्यवस्था दुरुस्त की गई। लोगों की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने की पूरी कोशिश की गई, जिसमें काफी हद तक कामयाबी भी मिली।
इसका मलाल
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मुर्गा - मछली मार्केट रिहायशी इलाके में है। इससे क्षेत्र में भारी गंदगी होती है। इसे हटाने का प्रस्ताव पारित होने के बाद भी हटवा नहीं पाए। इसके अलावा राजपूत नगर की जल समस्या का समाधान नहीं हो पाया।
बोले क्षेत्रीय लोग
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गंदगी की है भरमार
मुर्गा मछली मार्केट की वजह से वार्ड में गंदगी की भरमार है। इससे आसपास के इलाके में भी बदबू बनी रहती है। मार्केट के सामने सरकारी स्कूल है, लेकिन गंदगी की वजह से बच्चों को स्कूल में बैठना मुश्किल हो जाता है। वार्ड की इस सबसे बड़ी समस्या के समाधान की दिशा में पार्षद की ओर से कारगर प्रयास नहीं किए गए।
- राहुल कुशवाहा
जल भराव भी है बड़ी समस्या
वार्ड के श्याम चौपड़ा क्षेत्र में जल भराव बड़ी समस्या है। बारिश के दिनों में लोगों के घरों तक में पानी भर जाता है। इसके अलावा वार्ड के कई इलाकों में पाइप लाइन न होने की वजह से भीषण जल संकट व्याप्त हैं। इन मुहल्लों में भूमिगत जल भी नहीं है। इन समस्याओं के समाधान की दिशा में पार्षद की ओर से गंभीर प्रयास नहीं किए गए, जिससे लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
- राकेश नायक
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वार्ड नंबर - 39 आवास विकास (नया - 42)
- आवास विकास बी ब्लाक, केके पुरी, संगम बिहार, बैंकर्स कालोनी, राजघाट कालोनी, परीया गांव, नदी पार खोड़न
- पार्षद - शालिनी सिंह यादव
- आबादी - 20,000
- मतदाता -8,000
पार्षद के दावे
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पार्षद शालिनी सिंह यादव ने बताया कि उन्होंने अपने कार्यकाल में वार्ड में दस पार्कों का निर्माण कराया। दो - तीन का जारी है। मुक्तिधाम की बाउंड्रीवाल बनवाई। चार नालों का निर्माण कराया। बीस हैंडपंप लगवाए। 146 बिजली के खंभे लगवाए। सफाई के लिए डोर टू डोर कचरा संग्रहण की व्यवस्था लागू कराई। वृक्षारोपण भी कराया। कुल मिलाकर वार्ड के विकास में कोई कसर नहीं छोड़ी गई। क्षेत्र के लोगों की जरूरतों को पूरा करने की पूरी कोशिश हुई।
इसका मलाल
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क्षेत्र के कुछ हिस्सों में जल भराव होता है। इसका स्थायी समाधान नहीं हो पाया। इसके अलावा क्षेत्र की अतिक्रमण की समस्या का समाधान भी नहीं हो पाया। हालांकि, इसके लिए प्रयास में कोई कमी नहीं छोड़ी गई।
बोले क्षेत्रीय लोग
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जल भराव की नहीं सुलझी समस्या
आवास विकास आरोग्य सदन समेत वार्ड के कई हिस्सों में जल भराव होता है। बारिश के दिनों में हालत बदतर हो जाते हैं। इसके अलावा वार्ड की सफाई व्यवस्था की चरमराई हुई है। सफाई कर्मचारी नियंत्रण में नहीं हैं। वह मनमर्जी से काम करते हैं। खामियाजा जनता को भुगतना पड़ता है। इन समस्याओं के समाधान की दिशा में कारगर प्रयास नहीं किए गए।
- विद्या प्रकाश दुबे
नहीं मिलती सुविधाएं
गृहकर समान रूप से लिया जाता है, लेकिन सुविधाएं समान नहीं मिलतीं। वार्ड के कुछ क्षेत्रों में तो सफाई होती है, लेकिन कई इलाकों की ओर ध्यान भी नहीं दिया जाता। जाम नालियां गंदगी से बजबजा रही हैं। खाली प्लाट कचरा घर बन गए हैं। इससे अलावा वार्ड में अतिक्रमण भी बहुत है, जिससे सड़कें सिकुड़ गईं हैं। इससे आवागमन अवरुद्ध बना रहता है।
- वंदना अग्रवाल