वाद-विवाद प्रतियोगिता में अमन ने मारी बाजी
झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना की ओर से राज्य परिवार नियोजन सेवा अभिनवीकरण परियोजना एजेंसी (सिफ्सा) के सहयोग से बीयू परिसर में संचालित ‘यूथ फ्रैंडली क्लीनिक’ के तत्वावधान में जनसंख्या पखवाड़े के अंतर्गत ‘युवाओं की स्वास्थ्य समस्याएं’ विषयक वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। इसमें अमन नायक प्रथम, निर्मला देवी द्वितीय और सैजल जैन तृतीय स्थान पर रहीं।
हिंदी विभाग में हुई प्रतियोगिता में सिफ्सा के मंडलीय परियोजना प्रबंधक डॉ. आनंद चौबे ने कहा कि आज के बदलते परिवेश में युवाओं को अपनी जिम्मेदारियों को समझकर ही दांपत्य जीवन में प्रवेश करना चाहिए, ताकि वे भविष्य के सफल दंपति बन सकें। विद्यार्थी जीवन में यदि हम विवाह पूर्व तैयारी कर वैवाहिक संबंधों की जटिलताओं को समझ लेंगे तो दांपत्य जीवन की जिम्मेदारियों का निर्वहन बेहतर तरीके से कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन में ऐसी अनेक समस्याएं होतीं हैं, जिन्हें हम आपस में भी साझा करने में संकोच करते हैं, ऐसी स्थिति में इस प्रकार की प्रतियोगिताएं व कार्यशालाएं विद्यार्थियों को भावी जीवन के योग्य बनती हैं।
एनएसएस के कार्यक्रम समन्वयक डॉ. मुन्ना तिवारी ने कहा कि एक स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए जरूरी है कि हम तन और मन दोनों से स्वस्थ रहें। हम अपने मानसिक विकारों व बाह्य आकर्षणों से दूर रहकर अध्ययन में अपना समय व्यतीत करें। हमें पढ़ाई और कॅरियर की ओर ध्यान रखना चाहिए। संचालन डॉ. मुहम्मद नईम ने किया।
प्रतियोगिता के निर्णायकों में डॉ. पुनीत बिसारिया, डॉ. अचला पांडेय, नवीन चंद्र पटेल ने प्रतिभागियों की प्रस्तुतीकरण के आधार पर प्रथम स्थान पर अमन नायक, द्वितीय निर्मला देवी, तृतीय सैजल जैन व सांत्वना पुरस्कार नंदिनी कुशवाहा, मोहित कुमार विजयी घोषित किया। इस अवसर पर महिला महाविद्यालय के संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ. बीबी त्रिपाठी, डॉ. अजय कुमार गुप्ता, डॉ. जितेंद्र कुमार बबेले, डॉ. अमरेश कुमार, ऊषा सिंह भदौरिया मौजूद रहे।