रात 11 बजे बदली तस्वीर
मंगलवार सुबह आठ बजे शुरू हुई मतगणना में पहले चक्र के परिणाम रात करीब नौ बजे आए। इसमें भाजपा प्रत्याशी अशोक कुमार राठौर ने सपा के डॉ. मान सिंह यादव पर 984 मतों की बढ़त बनाई। हालांकि, दूसरे चक्र की गणना रात करीब साढ़े 11 बजे पूरी होने पर तस्वीर बदल गई। सपा प्रत्याशी ने 150 मतों की बढ़त हासिल कर ली। इसके बाद हर चक्र के साथ सपा की बढ़त में इजाफा होता गया। बुधवार दोपहर बाद करीब सवा दो बजे नौवें चक्र की मतगणना पूरी होने तक सपा प्रत्याशी की जीत का अंतर 27663 मतों तक पहुंच गया।
हर चक्र के साथ बढ़ती गई सपा की बढ़त
दूसरे चक्र में बढ़त बनाने के बाद सपा प्रत्याशी ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। तीसरे चक्र में उनकी बढ़त 4121 मतों तक पहुंच गई। चौथे चक्र में यह अंतर 4251, पांचवें में 7648, छठवें में 15257, सातवें में 18639 और आठवें में 20328 मतों तक पहुंच गया। अंतिम चक्र में बढ़त 27663 मतों पर पहुंचने के साथ ही जीत सुनिश्चित हो गई। प्रथम वरीयता के मतों की गणना में ही परिणाम स्पष्ट हो गया और दूसरी वरीयता के मतों की गिनती की जरूरत नहीं पड़ी।
पिछली बार से छह गुना से ज्यादा बढ़ा जीत का अंतर
वर्ष 2020 में हुए पिछले स्नातक एमएलसी चुनाव में सपा प्रत्याशी डॉ. मान सिंह यादव को 23093 मत मिले थे, जबकि भाजपा के डॉ. यज्ञदत्त शर्मा को 18760 वोट प्राप्त हुए थे। तब सपा प्रत्याशी ने द्वितीय वरीयता के मतों की गणना के बाद 4333 मतों से जीत दर्ज की थी। उस चुनाव में सपा प्रत्याशी को कुल मतों के 35.36 फीसदी वोट मिले थे। इस बार उनका मत प्रतिशत बढ़कर 55.13 हो गया और जीत का अंतर 27663 मतों तक पहुंच गया। यानी पिछली बार के मुकाबले जीत का अंतर छह गुना से भी अधिक रहा। वहीं, भाजपा प्रत्याशी अशोक कुमार राठौर को इस बार 28.72 फीसदी मत मिले, जो पिछले चुनाव में भाजपा प्रत्याशी के मत प्रतिशत से 1.14 प्रतिशत अधिक बताए गए हैं।
निर्दलीय प्रत्याशी मुकाबले में नहीं बना सके प्रभाव
चुनाव में भाजपा और सपा के बीच सीधा मुकाबला रहा। निर्दलीय प्रत्याशी शिवशंकर पटेल को 3949 मत मिले, लेकिन वह दोनों प्रमुख दलों के प्रत्याशियों को चुनौती नहीं दे सके। मतगणना के शुरुआती चक्र में भाजपा की बढ़त से मुकाबला दिलचस्प हुआ, लेकिन दूसरे चक्र से बदला रुझान अंतिम परिणाम तक कायम रहा।