अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बुंदेलखंड में अत्यधिक शराब पीने से लोग लिवर सिरोसिस की चपेट में आ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज में लिवर सिरोसिस के रोजाना औसतन छह रोगी भर्ती हो रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि इनमें 95 फीसदी की हालत अत्यधिक शराब पीने से बिगड़ी है।
मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक डॉ. राम बाबू सिंह और डॉ. जकी सिद्दीकी का कहना है कि यूं तो लिवर सिरोसिस की वजह अत्यधिक शराब पीने के अलावा फैटी लिवर, हेपेटाइटिस-बी व हेपेटाइटिस-सी भी है मगर बुंदेलखंड में 95 फीसदी रोगी अत्यधिक शराब पीने से इसकी चपेट में आ रहे हैं। कुछ समय से लिवर सिरोसिस के रोगियों की संख्या बढ़ गई हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि लिवर सिरोसिस में लीवर ठीक से काम करना बंद कर देता है। जब इसकी शुरुआत होती है तो थकान, भूख में कमी, वजन कम होना, मतली, पेट में हल्का दर्द की शिकायत होती है। जैसे-जैसे बीमारी बढ़ती है, वैसे-वैसे दिक्कत बढ़ती जाती है। इसके लक्षण खून आना, आसानी से घाव होना, त्वचा में खुजली, त्वचा व आंख में पीलापन (पीलिया), पेट में पानी भरना (जलोदर), भूख में कमी, जी मिचलाना आदि है।
0- क्या होती है सिरोसिस
सिरोसिस एक क्रमिक घाव प्रक्रिया है, जो लिवर में सूजन के कारण होती है। लिवर से जुड़ी पुरानी बीमारी भी इसका कारण बनती है। अत्यधिक शराब पीने से लिवर को नुकसान पहुंचता है।