झांसी। महानगर में अक्षय तृतीया का पर्व घरों में उत्साह से मनाया गया। लॉकडाउन के कारण कोई भी शादी के कार्यक्रम आयोजित नहीं हो सके। श्रद्धालुओं ने घरों में मिट्टी से बने अक्षय कलश और कपडे़ से बने गुड्डा गुड़ियों की पूजा की। गांवों में भी कृषि यंत्रों की पूजा की गई। मंदिरों में खासकर भगवान श्री कृष्ण के मंदिरों से सोशल साइट्स पर सीधा प्रसारण कर दर्शन कराए गए। वहीं सराफा बाजार बंद होने से लोग इस बार सोने की खरीदारी से वंचित रहे।
सभी मांगलिक कार्यों के लिए अक्षय तृतीया की तिथि बेहद शुभ रहती है। लेकिन कोरोना वायरस के कारण इस बार पर्व पर मंदिरों के पट श्रद्धालुओं के लिए बंद रहे। भगवान की पूजा सिर्फ पुजारियों ने की। उन्हें सत्तू, पंजीरी, फल आदि का अर्पण किया। भगवान की आरती का प्रसारण भी सोशल साइट्स पर किए गए। इधर, कई श्रद्धालुओं ने अपने घरों में मिट्टी के कलश एवं गुड्डा गुड़ियों की पूजा की। भजन गाये और अच्छी बरसात की ईश्वर से कामना की गई। रविवार को ग्रामीण क्षेत्रों ने लोगों ने घरों में रहकर ही भगवान परशुराम की जयंती और अक्षय तृतीया का पर्व मनाया। मऊरानीपुर में लोगाें ने परशुराम जयंती पर घरों के बाहर दीप जलाए और सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रखते हुए अपने अपने घरों में स्थित मंदिरों की विशेष सजावट की और कई धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
वहीं गुरसराय में शिव कुमार पिपरैया ने विधि विधान से पूजा अर्चना कर भगवान परशुराम की जयंती मनाई। इस मौके पर ओमप्रकाश पिपरैया, अरविंद पिपरैया अरविंद पिपरैया, आदर्श द्विवेदी, अरविंद पिपरैया, सोनू पटसारिया, कृष्णा पिपरैया, रामजी पिपरैया आदि उपस्थित रहे। वहीं अखिल भारतीय ब्राह्मण परिवार के युवा मोर्चा के नगर अध्यक्ष नृपेंद्र चतुर्वेदी आमली, मेजर अखिलेश पिपरैया वहीं वृहद ब्राह्मण परिषद के नगर अध्यक्ष रामप्रकाश अध्यक्ष रामप्रकाश अड़जरिया ने भी भगवान परशुराम जी की पूजा अर्चना कर दीप प्रज्वलित कर प्रसाद वितरण किया। इसी प्रकार बंगरा में ब्राह्मणों ने सोशल डिस्टेंसिंग के साथ अपने आराध्य भगवान परशुराम जी की जयंती उत्साह पूर्वक मनाई। इस मौके पर पं सुरेश चंद्र बबेले, हरचरण लिटौरिया, महेश बिरथरे, भास्कर बबेले, राजू पंडा, वीरू महाराज, राजू दद्दा तेजपुरा, मुन्नू महाराज ने मिलकर भगवान परशुराम की जयंती मनाई। इसी प्रकार रानीपुर में ब्राम्हण समाज के पं. संतोष कटारे, मनमोहन लिटौरिया, गुलाब चंद्र तिवारी, पं. अरुण चौधरी, अवधेश वैध, जगदीश दीक्षित, संतोष वैध, चंद्रप्रकाश वैध, अजय तिवारी, प्रदीप शर्मा, शशि महाराज बसारी आदि ने अपने अपने घरों में भगवान परशुराम की जयंती मनाई।
पूंछ। भगवान श्री परशुराम जयंती के अवसर पर ब्राह्मण समाज के लोगों ने भगवान परशुराम की जयंती मनाई। घर पर ही श्री परशुराम जी की पूजा अर्चना की। पंडित रूपराम तिवारी ने बताया कि भगवान परशुराम जी विष्णु के छठवें अवतार के रूप में अवतरित हुए थे। भगवान सदाशिव के परम भक्त थे। उन्होंने दुष्टों का नाश कर पृथ्वी पर धर्म की स्थापना की।