संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। अक्षय तृतीया पर्व 10 मई को रोहिणी एवं मृगशिरा नक्षत्र में मनाया जाएगा। इस दौरान सुकर्मा योग रहेगा। इसके अलावा भगवान परशुराम का जन्मोत्सव भी भव्यता से मनाया जाएगा। लोग सोना एवं नई वस्तुओं की खरीदारी करेंगे।
बुंदेलखंड में अक्षय तृतीया का बड़ा महत्व है। यहां गुड्डा-गुड़िया की पूजा कर उनका विवाह कराया जाता है। नए मटके की पूजा होती है। अबूझ मुहूर्त तिथि होने से समस्त शुभ कार्य किए जाते हैं। नए कार्य का शुभारंभ करना भी विशेष लाभदायक होता है। आचार्य सुबोध शास्त्री के अनुसार शुक्रवार को रोहिणी नक्षत्र सुबह 10:47 बजे तक रहेगा। इसके पश्चात मृगशिरा नक्षत्र शुरू होगा। पर्व पर सुकर्मा योग भी सुख-समृद्धि प्रदान करेगा।
ज्योतिषविद रजनी दीक्षित के अनुसार अक्षय तृतीया पर गुड्डा-गुड़िया का विवाह रचाया जाता है। पर्व पर मांगलिक कार्य एवं सामाजिक संगठनों की ओर से विवाह सम्मेलन भी होंगे। इधर, भगवान परशुराम जन्मोत्सव समारोह महासमिति के अध्यक्ष रवीश त्रिपाठी ने बताया कि आठ मई को गोपीनाथ जी के मंदिर में भगवान परशुराम जी के चित्र का अनावरण होगा। नौ मई को शोभायात्रा निकलेगी। 10 मई को बड़ागांव गेट स्थित हनुमान मंदिर में यज्ञोपवीत संस्कार, फरसा पूजन और 11 मई को गोलाकुआं पर विचार गोष्ठी, 14 मई को विभूतियों का सम्मान समारोह होगा। इस दौरान सुरेंद्र तिवारी, विनोद समाधिया, राजीव उपाध्याय मौजूद रहे।