झांसी। शासन ने ग्वालियर रोड स्थित सेना की हवाई पट्टी का विस्तार कर हवाई अड्डा बनाने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। इसके लिए इसके पास से गुजरने वाले नहर और नेशनल हाईवे का रास्ता बदला जाएगा। इतना ही नहीं, इसके इर्दगिर्द स्थित आवास व व्यावसायिक भवन भी हटाए जाएंगे। इसकी रिपोर्ट शासन को दे दी गई है।
डिफेंस कॉरिडोर के विकास के लिए हवाई अड्डे को जरूरी माना जा रहा है। कॉरिडोर के तहत झांसी में उद्यम लगाने के लिए हाल ही में दो कंपनियों से करार हुआ है। इसके बाद से हवाई अड्डे की परियोजना भी रफ्तार पकड़े हुए है। इसके तहत स्थानीय प्रशासन की ओर से दो प्रस्ताव तैयार किए गए थे। दोनों की तुलनात्मक रिपोर्ट भी तैयार की गई है। बृहस्पतिवार को स्थान चयन के लिए लखनऊ में मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में प्रमुख सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में बैठक हुई, जिसमें जिलाधिकारी शिवसहाय अवस्थी की ओर से सफा - चमरौआ में नया हवाई अड्डा बनाने तथा ग्वालियर रोड स्थित सेना की हवाई पट्टी के प्रस्ताव रखे। विचार - विमर्श के बाद शासन ने हवाई पट्टी के विस्तार पर मुहर लगा दी है।
यहां 1600 मीटर लंबा रनवे बनाया जाएगा तथा टर्मिनल बनेगा। हालांकि, ये आसान नहीं है। इसके लिए हवाई पट्टी के पास से गुजरने वाले नहर को छह किलोमीटर तक शिफ्ट करना होगा। इतना नहीं नही, पास के नेशनल हाईवे - 75 को भी शिफ्ट करना होगा। आसपास के 42 आवास भी हटाने होंगे। इसके अलावा दुकानें, गोदाम भी इसकी जद में आएंगे। विद्युत लाइनों को भी शिफ्ट करना होगा। इस पर अनुमानित खर्च 63.27 करोड़ रुपये आएगा। यह पूरी रिपोर्ट शासन को दे दी गई है। जल्द ही एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की टीम यहां आएगी, जो हवाई पट्टी का सर्वे कर डिजाइन फाइनल करेगी।
शुरुआत में लखनऊ के लिए होगी उड़ान
झांसी। अगर सबकुछ अपनी रफ्तार में चलता रहा, तो माना जा रहा है कि दो साल बाद झांसी से हवाई सेवा शुरू हो जाएगी। यहां से 80 सीटर विमान उड़ाने की योजना है। शुरुआत में लखनऊ के लिए हवाई सेवा शुरू की जाएगी। अच्छी संख्या में सवारी मिलने पर एयर कनेक्टिविटी देश के अन्य बड़े शहरों से भी जोड़ी जाएगी।
भविष्य में विस्तार की नहीं रहेंगी संभावनाएं
झांसी। सेना की हवाई पट्टी पर छोटा हवाई अड्डा विकसित करने के बाद भविष्य में विस्तार की संभावनाएं नहीं रहेंगी। यही वजह है कि प्रशासन द्वारा सफा - चमरौआ को तरजीह दी जा रही थी। यहां 200 हेक्टेअर (494 एकड़) भूमि चिह्नित की गई था, जो आसानी से उपलब्ध भी थी। अधिकांश कृषक भी जमीन देने को तैयार थे।
प्रधानमंत्री रख सकते हैं नींव
झांसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 24 अप्रैल को पंचायती राज दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने झांसी आएंगे। संभावना जताई जा रही है कि वे यहां रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के नवनिर्मित भवन का शिलान्यास करेंगे। साथ ही हवाई पट्टी के विस्तार की योजना की भी नींव रख सकते हैं।