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Jhansi News: हवा की गुणवत्ता सुधरी, देश में झांसी का दूसरा स्थान... दिल्ली में गुणगान

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- राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत नगर निगम ने महानगर को पांच जोन में बांटकर किया काम
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- तीन से 10 लाख की आबादी वाली श्रेणी में महाराष्ट्र के अमरावती के बाद झांसी की हवा सबसे साफ
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। पिछले एक साल में महानगर की हवा की गुणवत्ता में 34 फीसदी सुधार हुआ है। केंद्र सरकार की ओर से चलाए जा रहे राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनकैप) के तहत तीन से 10 लाख की आबादी वाली श्रेणी में महाराष्ट्र के अमरावती के बाद झांसी की हवा सबसे साफ मिली है। देश में दूसरा स्थान मिलने पर नई दिल्ली में मंगलवार को केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने महापौर बिहारी लाल आर्य और नगर आयुक्त सत्य प्रकाश को सम्मानित किया।
राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत हर साल देश के 130 शहरों को आबादी के हिसाब से अलग-अलग बांटकर रैंक दी जाती है। शहरों में वायु स्वच्छ करने के लिए सरकारी मशीनरी द्वारा किए गए प्रयासों के बाद सुधरी स्थिति का आकलन किया जाता है। फिर बेहतर प्रदर्शन करने पर सम्मानित किया जाता है।
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आईआईटी कानपुर की ओर से किए गए अध्ययन में पाया गया कि महानगर में 75 फीसदी प्रदूषण सड़क की धूल की वजह से है। नगर निगम प्रशासन ने झांसी की हवा सुधारने के लिए महानगर को पांच जोन में बांटकर काम किया। सबसे ज्यादा प्रदूषण और धूल वाले स्थानों को पहले जोन में रखा गया, इसमें सर्वाधिक वाहनों के आवागमन, खनन और कम हरियाली वाले क्षेत्र शामिल रहे।
इसके बाद ग्वालियर रोड स्थित जीआईसी, राजकीय पॉलिटेक्निक, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के परीक्षा भवन, गुलाम गौस खां पार्क को मिलाकर 18,400 वर्ग मीटर में मियावाकी पद्धति से लगभग 78,000 पौधे रोपे गए। ताकि ये पौधे वातावरण में घुले कार्बन, नाइट्रोजन समेत अन्य हानिकारक अवयव सोख सकें। वहीं, 24 कच्चे मार्गों को पक्का कराया गया, जिससे धूल पर नियंत्रण किया जा सके। जब-जब धूल ज्यादा उड़ी, तब-तब रेन गन से पानी की बौछार कराई गई, इससे झांसी की हवा की गुणवत्ता में 34 फीसदी तक सुधार हुआ।
मंगलवार को नई दिल्ली के इंदिरा पर्यावरण भवन में स्वच्छ वायु सर्वेक्षण पुरस्कार समारोह के दौरान नगर निगम झांसी को दूसरा स्थान मिलने की घोषणा की गई। चूंकि, इसी श्रेणी में झांसी के साथ संयुक्त रूप से मुरादाबाद नगर निगम को भी दूसरा स्थान मिला है, ऐसे में दोनों निगमों को 25-25 लाख रुपये का चेक मिला।

अनुदान में भी होगा इजाफा, पिछले साल मिले थे 24 करोड़
झांसी की रैंकिंग सुधारने पर अब एनकैप के तहत मिलने वाले अनुदान में भी इजाफा होगा। बताया गया कि 2023 में देश में झांसी की एनकैप रैंकिंग सातवीं थी और 12 करोड़ रुपये का अनुदान मिला था। पिछले साल रैंकिंग में चार पायदान का सुधार और अनुदान राशि भी दोगुनी बढ़कर 24 करोड़ रुपये पहुंच गई।

तीन सालों में यूं सुधरी रैंकिंग
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वर्ष रैंकिंग
2023 सातवीं
2024 तीसरी
2025 दूसरी
(नोट : रैंकिंग तीन से 10 लाख आबादी वाली श्रेणी में।)

वर्जन..
शहर को साफ-सुथरा और सुंदर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अब झांसी के नाम एक और उपलब्धि जुड़ गई है, इसमें सभी नगरवासियों का भी सराहनीय योगदान है। - बिहारी लाल आर्य, महापौर।
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पहले स्वच्छ सर्वेक्षण और अब राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम में भी झांसी नगर निगम की रैंकिंग में सुधार हुआ है। अब झांसी को पहले स्थान पर लाने के लिए काम किया जाएगा। झांसीवासियों को भी बधाई। - सत्य प्रकाश, नगर आयुक्त।
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