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हवाई सेवा को जमीन पर उतारने के लिए हुआ सर्वे

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मुख्यमंत्री के सचिव संजय प्रसाद के नेतुत्व में झांसी आई एयरपोर्ट आथोरिटी ऑफ इंडिया की टीम। अमर उ?
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झांसी। बुधवार को प्रदेश के नागरिक उड्डयन विभाग और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) की टीम ने झांसी और ललितपुर में नागरिक विमान सेवा की शुरुआत करने के लिए प्रस्तावित जमीनों का सर्वेक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों के साथ बैठक कर हवाई अड्डे की स्थापना को लेकर अधिकारियों के साथ मंत्रणा की।
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हवाई अड्डे की स्थापना की एक दशक पुरानी कवायद के बीच फरवरी माह में ग्वालियर मार्ग स्थित सेना की हवाई पट्टी के विस्तार की योजना बनाई गई थी। इसका प्रस्ताव मुख्यमंत्री के पास भेजा गया था। मुख्यमंत्री ने टीम भेजकर सर्वेक्षण कराने की बात कही थी। इसी के चलते मुख्यमंत्री के सचिव संजय प्रसाद की अगुवाई में प्रदेश के नागरिक उड्डयन विभाग व एएआई की टीम पहले ललितपुर पहुंची। ललितपुर की पुरानी हवाई पट्टी के विस्तार की संभावनाओं को तलाशा। इसके बाद टीम झांसी आई। यहां विकास भवन में अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक हुई, जिसमें हवाई पट्टी के विस्तार की संभावनाओं व अन्य स्थानों पर जमीन की उपलब्धता पर चर्चा हुई। इसके बाद टीम ने ग्वालियर मार्ग स्थित सेना की हवाई पट्टी का स्थलीय निरीक्षण किया। यहां विस्तार की संभावनाओं के बारे में स्थानीय अफसरों से जानकारी ली। इसके बाद टीम ने मौजा सपा, चमरौआ में पूर्व में प्रस्तावित जमीन का जायजा लिया। दोनों स्थानों पर नागरिक विकास सेना शुरू करने के लिए स्थानीय प्रशासन द्वारा बनाई गई कार्ययोजना की भी जानकारी ली।
सिमरधा में ग्रामीणों ने किया विरोध
झांसी। ग्वालियर मार्ग पर हवाई पट्टी के विस्तार की प्रस्तावित योजना का सिमरधा गांव के ग्रामीण शुरू से ही विरोध करते आ रहे हैं। दरअसल, हवाई पट्टी के विस्तार के लिए सिमरधा की कृषि और आवासीय भूमि अधिग्रहित की जाएगी, जिसके चलते ग्रामीण विरोध कर रहे हैं। बुधवार को टीम के आने की सूचना पर ग्रामीण गांव में एकत्र हो गए। उनका कहना था कि विभिन्न सरकारी योजनाओं के लिए पहले ही गांव की पचास फीसदी से अधिक जमीन ली जा चुकी है। हवाई पट्टी के विस्तार के लिए जमीन लिए जाने से वे बेघर और बेरोजगार हो जाएंगे। उन्होंने हवाई पट्टा कहीं और बंजर भूमि पर बनाए जाने की मांग की।
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कई सरकारी परियोजनाओं के लिए सिमरधा की पचास फीसदी जमीन पहले ही अधिग्रहित की जा चुकी है। अब और जमीन लिए जाने से ग्रामीण बेरोजगार और बेघर हो जाएंगे। - बबलू
झांसी में बंजर जमीन की कोई कमी नहीं है। बावजूद, कृषि की जमीन अधिग्रहित कर हवाई अड्डा बनाने की योजना बनाई जा रही है। प्रशासन की ये योजना समझ से परे है। - अरविंद यादव
जमीन से पुरखों का नाता रहा है। ये चली जाने से पुरखों की निशानी चली जाएगी। साथ ही ग्रामीणों के समक्ष रोजगार का संकट भी खड़ा हो जाएगा। - सोमवती
किसान पहले से ही टूटा हुआ है। ऐसे में खेती की जमीन छिन जाने से उसके पास रोजगार का संकट खड़ा हो जाएगा। बंजर भूमि पर हवाई अड्डा बनाया जाना चाहिए। - अनीता
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