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कृषि कानून के खिलाफ लामबंद हुए किसान

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कृषि बिल वापस लिए जाने की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करते भारतीय किसान यूनियन के किसान?
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झांसी। भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले किसानों ने शनिवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करते हुए नए कृषि कानून को निरस्त किए जाने की मांग की। यूनियन नेताओं ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
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अध्यक्ष कमलेश लंबरदार ने कहा नए कृषि कानून किसानों को मजदूर में तब्दील कर देंगे। इस कानून को तत्काल निरस्त किया जाना आवश्यक है। यूनियन नेता अविनाश भार्गव ने कृषि कानूनों को काला कानून ठहराते हुए कहा कि इनके जरिए बड़े उद्यमियों को कृषि में आने का रास्ता दिया जा रहा। उनके आने से देश की पूरी व्यवस्था चौपट हो जाएगी। प्रदर्शन के दौरान रवींद्र, लक्ष्मी प्रसाद, केशव कुमार, अनूप पाठक, रवि, उमेश चौबे, रामप्रसाद समेत अन्य उपस्थित थे।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी प्रदर्शन करके रोष जताया। शहर अध्यक्ष अरविंद वशिष्ठ को घर से निकलने नहीं दिया गया। तमाम कार्यकर्ता उनके आवास पर पहुंच गए। एसीएम शशिभूषण ने वहां पहुंचकर कार्यकर्ताओं से ज्ञापन लिया। ज्ञापन के जरिए कार्यकर्ताओं ने कानून निरस्त किए जाने की मांग की। इस दौरान शंभू सेन, राजेंद्र रेजा, बृजेंद्र राय, अनिल बट्टा, अरविंद बबलू, सरला भदौरिया समेत अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे। इसी क्रम में अखिल भारतीय किसानसभा के बैनर तले भी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए कृषि कानून निरस्त करने के लिए राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। इस दौरान प्रेमनारायण परिहार, भगवान दास पहलवान, श्याम सिंह, हरचरन, सरजू समेत अन्य उपस्थित थे।
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