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झांसीः बीस रुपये के कैप्सूल से नष्ट होगी एक एकड़ की पराली, लेकिन नहीं मिलेगा सरकारी खरीद केंद्रों में

Sat, 10 Oct 2020 12:24 PM IST
झांसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
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भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने एक कैप्सूल बनाया है। महज बीस रुपये में मिलने वाले इस कैप्सूल से किसान एक एकड़ की पराली नष्ट कर सकते हैं। कृषि विभाग किसानों को यह कैप्सूल मुहैया कराने जा रहा है। इसका दूसरा फायदा यह होगा कि खेत में यह खाद का भी काम करेगी।

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भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की ओर से तैयार इस कैप्सूल को जीवाणुओं की मदद से बनाया गया है। बीस रुपये कीमत वाले इस कैप्सूल की मदद से एक घोल तैयार किया जाता है। इसमें गुड़ मिलाकर करीब बीस लीटर का घोल तैयार करते हैं। एक सप्ताह तक घोल को रखना होता है। इसके बाद घोल में खमीर पैदा होने लगता है।

इस घोल के प्रयोग के लिए एक गढ्ढा बनाकर पूरे खेत की पराली वहीं एकत्रित करनी होती है। इसके बाद पूरे घोल का उसमें छिड़काव किया जाता है। तीन दिनों में कैप्सूल में बंद जीवाणु पराली में अपना असर दिखाना शुरू कर देते हैं। गुड़ की वजह से खमीर के बढ़ने की रफ्तार तेज हो जाती है। पांच-छह दिनों में जीवाणु पराली को गढ्ढे में गलाना शुरू कर देते हैं।
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आठ-दस दिन के भीतर पराली पूरी तरह गलकर गढ्ढे में बैठ जाती है। इसके बाद इसका इस्तेमाल खाद की तरह किया जा सकता है। कृषि विभाग के अधिकारियों का दावा है यह विधि बेहद सरल होने के साथ ही सफल भी रही है। पिछले वर्ष झांसी में भी इसका इस्तेमाल हुआ था। इस साल भी इसकी संस्तुति की गई है हालांकि यह कैप्सूल सरकारी क्रय केंद्रों में उपलब्ध नहीं होगा।

प्रभारी उपनिदेशक कृषि कमलेश सिंह के मुताबिक वेस्ट कंपोजर नाम से यह उपलब्ध होने वाला यह कैप्सूल पराली नष्ट करने में बेहद कारगर है। उनका कहना है कि एक एकड़ में एक वेस्ट कम्पोजर के इस्तेमाल से पूरी पराली नष्ट की जा सकती है। इसे झांसी में अधिक से अधिक उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है।

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