बृहस्पतिवार को टांकोरी गांव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निरीक्षण के ठीक बाद ट्रांसफार्मर फुंक गया और बिजली गुल हो गई। 24 घंटे बाद शुक्रवार को बिजली आई। गांव के लोग मुख्यमंत्री से मुलाकात नहीं होने पाने के कारण मायूस हैं। पोल खुलने के डर से पुलिस ने उन्हें उनके घरों में कैद कर दिया था।
बृहस्पतिवार की दोपहर मुख्यमंत्री ने टांकोरी गांव का निरीक्षण किया था। मुख्यमंत्री के जाने के बाद ही दोपहर दो बजे के करीब गांव की लाइट नहीं चली गई। शाम तक जब गांव में लाइट नहीं आई, तब लोगों ने सबस्टेशन पर शिकायत की। लेकिन बिजली विभाग ने रात तक पता करने की कोशिश नहीं की कि बिजली क्यों गुल हुई। रात अंधेरे में ही कटी। शुक्रवार की सुबह गांव वालों ने क्षेत्रीय सबस्टेशन पर शिकायतों की झड़ी लगा दी और तब बिजली विभाग सक्रिय हुआ। ट्रांसफार्मर बदला गया और तब बिजली आपूर्ति शुरू हुई। उधर, मुख्यमंत्री से न मिल पाने के कारण गांव के लोग बेहद निराश हैं।
‘ट्रांसफार्मर फुंकने का पता लगते ही उसे बदलवा दिया गया। साथ ही अधीनस्थों को निर्देश दिए गए है कि वे हर फुंके ट्रांसफार्मर को 24 घंटे में हर हाल में बदला दें।’
डी यादवेंदु, अधिशासी अभियंता (ग्रामीण)।
पुलिस ने मिलने नहीं दिया
इस बात का मुझे बेहद अफसोस है कि मुख्यमंत्री हमारे गांव और मैं उनसे नहीं मिल सका। पुलिस ने रोक दिया था। मेरी और अन्य गांव वालों की हसरत पूरी नहीं हो सकी।
अनुज यादव
समय पर खुला स्कूल और पढ़ाई भी
झांसी
टांकोरी गांव के उस प्राथमिक स्कूल के बच्चे बहुत खुश हैं, जहां बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने निरीक्षण किया था। शुक्रवार को भी समय से स्कूल खुला और पढ़ाई हुई।
गांव के राम प्रसाद पाल का कहना है कि इस प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालय की तीन साल से पुताई नहीं हुई थी। दीवारें काई के कारण काली पड़ गई थीं। मुख्यमंत्री के दौरे ने सबकुछ दुरुस्त कर दिया। शिक्षक और उनके परिजनों ने मिलकर स्कूल को चमका दिया। गांव के अरुण तिवारी का कहना है कि स्कूल में कंप्यूटर और बच्चों के लिए साइकिलें भी हैं, लेकिन इनका इस्तेमाल नहीं होता। जिस कमरे में यह सब रखा है, वहां ताला डाल दिया गया था तो मुख्यमंत्री की नजर नहीं पड़ी।
सीएम को अंधेरे में रखने वालों पर हो कार्रवाई
झांसी। जिला कंाग्रेस कमेटी की बैठक पूर्व मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने कहा कि मुख्यमंत्री का झांसी दौरा बुंदेलखंड के लिए अच्छी बात है, लेकिन इस दौरान अधिकारियों द्वारा रातोंरात तालाब को भरने, ग्रामीणों को घरों में कैद करने की घटना की जांच होनी चाहिए। इसमें दोषी पाये जाने वाले अधिकारियों को निलंबित किया जाए। जिलाध्यक्ष ने कहा कि टाकोरी ताल में पीने के पानी की बर्बादी इस गर्मी में करना अधिकारियों की लापरवाही को दर्शाता है। इस अवसर पर सुनील तिवारी, बृजमोहन तिवारी, विजय भारद्वाज, ओमप्रकाश, पंकज, ललित मोहन, अशोक गुरु, अरविंद, हेमंत रावत, सुनील राय, अनिल झा, आतिफ आदि मौज्ूद रहे। संचालन मनीराम कुशवाहा व आभार हरीश लाला ने व्यक्त किया।