अपनी पत्नी, दोस्त समेत एक के बाद एक चार हत्याएं करके तकरीबन दस साल से फरार चल रहा सीरियल किलर ग्वालियर पुलिस के हत्थे चढ़ गया। झांसी में ही उसने चारों हत्याएं की थीं। वह नाम बदलकर ग्वालियर में रह रहा था। झांसी पुलिस हत्यारे को झांसी लाने के लिए रवाना हो गई है।
सीओ मऊरानीपुर अरुण कुमार ने बताया कि मध्य प्रदेश के बिलौआ थाना निवासी राजेश कमरिया 2010 में ग्वालियर के बाला बाई बाजार में मनोज गहलोत के यहां किराए पर रहता था। वहां उसने मनोज की पत्नी गीता को प्रेमजाल में फंसा लिया। इसके बाद गीता और उसने मनोज की हत्या की योजना बनाई। पार्टी मनाने के बहाने 31 दिसंबर 2011 को राजेश गीता और उसके पति को लेकर झांसी आया। यहां गीता और राजेश ने मिलकर मनोज की हत्या करके शव बेतवा नदी में फेंक दिया।
इसके बाद उसने गीता से शादी कर ली और मऊरानीपुर में रहने लगा। मऊरानीपुर में ही गीता का मायका था। बाद में राजेश ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर वर्ष 2013 में पत्नी गीता, उसके बेटे निक्की एवं भतीजे सूरज की चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी। वह गीता का सारा जेवर लेकर ग्वालियर भाग गया। वहां पहचान बदलकर राजेंद्र मेहरा के नाम से रहने लगा। उसने ग्वालियर निवासी अनामिका से विवाह भी कर लिया।
राजेश ने 12 मार्च को अनामिका के साथ मारपीट कर दी। इसकी शिकायत अनामिका ने ग्वालियर स्थित झांसी मार्ग थाने मेंदर्ज कराई। पुलिस ने जब राजेश को पकड़कर जांच की तो एक के बाद एक घटनाओं का खुलासा हुआ। सीओ का कहना है कि मऊरानीपुर थाने में दर्ज मामले की तलाश शुरू कर दी गई है।
हत्या के दस साल बाद अब हुई मनोज की शिनाख्त
मनोज की हत्या के दस साल बाद तक उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी थी। राजेश की गिरफ्तारी के बाद बड़ागांव पुलिस ने आज जब अपने रिकार्ड खंगाले तब उसमें अज्ञात शव का विवरण दर्ज मिला। थाना प्रभारी परमेंद्र सिंह के मुताबिक न्यायालय से इजाजत लेकर इस मामले की विवेचना कराई जाएगी।