झांसी। वर्ष 2021 में नीट देने के बाद ही मेरा चयन बीएएमएस में हुआ और फिर झांसी आयुर्वेदिक कॉलेज मिला। अब संदेह के आधार पर निलंबित कर दिया गया है। निलंबन वापस लेते हुए क्लास में पढ़ाई करने की अनुमति दी जाए। आयुर्वेदिक कॉलेज से निलंबित दूसरे छात्र ने प्राचार्य और निदेशालय को ये जवाब भेजा है।
छात्र ने अपने वकील के जरिए भेजे जवाब में नीट के रोलनंबर का भी उल्लेख किया है। उसने कहा है कि तकनीकी कारणों की वजह से नीट की वेबसाइट नहीं खुलने को लेकर वो जिम्मेदार नहीं है। निलंबन के बाद उसका भविष्य अंधकार में हो गया है। जबकि, वो मेधावी छात्र है। हाईस्कूल से लेकर इंटरमीडिएट की परीक्षा उसने अच्छे नंबरों से उत्तीर्ण की है। इससे पहले भी आयुर्वेदिक कॉलेज प्राचार्य को एक छात्रा ने अपना जवाब भेजा था, जिसमें सभी दस्तावेजों कॉलेज में जमा होने की बात कहते हुए मामले की जांच कराने की मांग की थी। बचे हुए दो निलंबित छात्र-छात्रा ने अपना पक्ष नहीं रखा है। जबकि, सात दिनों में जवाब देने की समयसीमा पूरी हो चुकी है।
दाखिले में गड़बड़ी के प्रकरण में निलंबित दो छात्रों के जवाब आ चुके हैं। बाकी बचे दो विद्यार्थियों ने सात दिन बीतने के बाद भी अपना पक्ष नहीं रखा है। - डॉ. रवि प्रकाश, प्राचार्य, राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज।