झांसी के धौरका गांव निवासी रतिराम खंगार (75) खेती करते थे। पिछले काफी समय से बीमार चल रहे थे। शुक्रवार रात उनकी तबीयत खराब होने पर पत्नी जानकी (73), पुत्र विनोद, प्रमोद और प्रवीण उनके पास पहुंच गए। सभी उनके बिस्तर के पास बैठे थे। रात करीब 8 बजे रतिराम की सांस थमने पर बड़े बेटे विनोद ने उनका हाथ हिलाते हुए पुकारा, लेकिन तब तक रतिराम की सांस थम चुकी थी। उनके शरीर में कोई हलचल नहीं हुई।
रतिराम का शरीर बेजान होते ही जानकी के मुंह से तेज चीख निकली और वह वहीं जमीन पर लुढ़क गईं। बेटों ने उनको संभालने की कोशिश की, लेकिन उनका शरीर भी बेजान हो चुका था। 10 मिनट के अंदर दो माता-पिता की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। रोने-पीटने की आवाज सुनकर आस-पड़ोस के लोग भी जमा हो गए। जिसने भी यह वाकया सुना उनकी आंखें नम हो उठीं। शनिवार को परिजन ने दपंती का एक साथ अंतिम संस्कार कर दिया।