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चार साल बाद छिना दरोगा का तमगा

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After four year, the status of the inspector was removed
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झांसी। न्यायालय के आदेश पर दूसरे जोन से स्थानांतरित होकर उत्तर मध्य रेलवे में आए 30 आरपीएफ जवानों को सहायक उपनिरीक्षक के पद पर पदोन्नत होने के बाद दोबारा हवलदार बना दिया गया है। इसमें सात एएसआई झांसी रेल मंडल में तैनात हैं।
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उत्तर मध्य रेलवे में कुछ साल पहले आरपीएफ के 30 जवान दूसरे जोन से स्थानांतरित होकर आए थे। इन जवानों को रैंक वॉटम (दूसरे जवानों के नीचे वरीयता पर) की जगह वॉटम पर रख दिया गया था। इससे यह जवान पहले से एनसीआर में तैनात दूसरे जवानों से वरीयता में ऊपर आ गए थे। आरपीएफ के नियम 70 के तहत 2016 में इन जवानों को पदोन्नत कर सहायक उपनिरीक्षक बना दिया गया। लेकिन उनकी पदोन्नति से यहां के जवान खुश नहीं थे। जवानों ने उनकी पदोन्नति के खिलाफ न्यायालय की शरण ली। न्यायालय के आदेश के बाद आरपीएफ महानिदेशक ने उक्त सहायक उपनिरीक्षकों को दोबारा हवलदार बना दिया है। इनमें सात सहायक उपनिरीक्षक झांसी रेल मंडल में तैनात हैं। इनके नाम केएम मिश्रा, रणवीर सिंह, अशोक सिंह भदौरिया, शब्बीर खान, सुशील कुमार सोनी, हरपाल सिंह यादव व ओमप्रकाश हैं।
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