झांसी। 10वीं के जिला टॉपर रहे हरिदित्य ने अब इंटरमीडिएट में भी जिला टॉप कर लिया है। शिवाजी नगर के ज्ञान स्थली पब्लिक इंटर कॉलेज के विद्यार्थी हरिदित्य के 94.80 फीसदी अंक आए हैं। बताया कि इस बार भी जिला टॉप करने के लक्ष्य के साथ परीक्षा दी थी। उसने बड़े भाई की किताबों से ही इंटरमीडिएट की पढ़ाई की। जालौन निवासी पिता सत्येंद्र पाल सिंह किसान हैं। आर्थिक तंगी के बीच उसने पढ़ाई जारी रखी। वह शिवाजी नगर में किराये पर कमरा लेकर रोजाना 12 घंटे पढ़ता था। पिता को जब बहन ने रिजल्ट की जानकारी दी तो वो बहुत खुश हुए। अब वह इंजीनियर बनना चाहता है। बताया कि हाईस्कूल में टॉप करने के बाद स्कूल प्रबंधक अर्चना गुप्ता ने उसकी 11वीं, 12वीं की फीस माफ कर दी।
आईपीएस बनना चाहती हैं शिवानी
झांसी। आलोक नायक ज्योतिबाराव फुले इंटर कॉलेज से इंटरमीडिएट में 94.20 फीसदी अंक पाकर जिले की द्वितीय टॉपर बनीं शिवानी का सपना आईपीएस बनना है। टहरौली निवासी शिवानी ने बताया कि परिजन भी चाहते हैं कि यूपीएससी की तैयारी करूं। पुलिस अफसर बनकर वह लोगों की सेवा करना चाहती हैं। शिवानी के हाईस्कूल में 89.80 प्रतिशत अंक आए थे। बताया कि वह एक अंक से जिले टॉप टेन मेधावियों में जगह बनाने से चूक गई थीं। इसलिए उन्होंने इंटरमीडिएट में और ज्यादा मेहनत की। मगर उन्होंने ये नहीं सोचा था कि वह दूसरे पायदान पर आ जाएंगी। वह रोजाना आठ से दस घंटे पढ़ाई करती थीं। उनके पिता भगवान सिंह किसान और मां पुष्पा देवी गृहिणी हैं।
पुलिस अफसर बनूंगा, फिर पिता को काम नहीं करने दूंगा
झांसी। मऊरानीपुर के धौर्रा के रहने वाले कपिल भी इंटरमीडिएट में 94.20 फीसदी अंक पाकर जिले के दूसरे टॉपर बन गए हैं। उन्होंने श्री लक्ष्मन दास दमेले इंटर कॉलेज मऊरानीपुर से पढ़ाई की है। कपिल ने बताया कि उसके पिता जगदीश किसान और मां शीला देवी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं। उसके हाईस्कूल में 83.50 प्रतिशत अंक थे। वह रोजाना आठ घंटे पढ़ाई करता था। छात्र ने कहा कि जिले के टॉप 10 मेधावियों में आने की उम्मीद थी। मगर ये नहीं सोचा था कि शीर्ष दो मेधावियों में जगह बनाने में कामयाब हो जाऊंगा। आगे चलकर वो पुलिस इंस्पेक्टर बनना चाहता है। नौकरी लगने पर पिता को किसानी नहीं करने दूंगा। उन्हें अपने पास रखकर सभी सुविधाएं मुहैया कराऊंगा।
किराये पर रहकर खुद खाना बनाया, अभय के आए 94 फीसदी अंक
झांसी। सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के छात्र अभय प्रताप सिंह ने इंटरमीडिएट में 94 फीसदी अंक लाकर जिले में तीसरा स्थान हासिल किया है। कटेरा निवासी उसके पिता सत्य प्रकाश सिंह शिक्षामित्र हैं। मां रचना देवी गृहिणी हैं। अभय ने बताया कि वो रोजाना आठ घंटे पढ़ाई करता था। उसके 10वीं में भी 90 फीसदी अंक आए। अब वह यूपीएससी की तैयारी करेगा। पिता ने बताया कि उन्हें विश्वास था कि बेटा अच्छे अंकों से पास होगा। वह चाहते हैं कि बेटा अफसर बने। बताया कि बेटा मऊरानीपुर में किराये पर रहकर पढ़ाई करता था। कम मानदेय मिला था। मगर बच्चे की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी। कोचिंग भी पढ़ाई। बेटा खुद खाना बनाता था। मगर परीक्षा से पहले 15 दिन टिफिन लगा दिया था।
विशाल की रक्षा क्षेत्र में जाकर देश सेवा करने की चाहत
झांसी। सकरार के विशाल सिंह चौहान ने इंटरमीडिएट में 94 फीसदी अंक लाकर तीसरा स्थान प्राप्त किया है। जय बजरंग विद्या मंदिर इंटर कॉलेज सकरार के छात्र विशाल ने बताया कि उसके पिता गजेंद्र सिंह चौहान किसान और मां सुखदेवी गृहिणी हैं। 10वीं में उसके 90.17 फीसदी अंक आए थे और जिले में 10वां स्थान प्राप्त किया था। इस बार भी उम्मीद थी कि 90 फीसदी के ऊपर अंक आएंगे। इसके लिए घर पर वह रोजाना आठ से नौ घंटे पढ़ाई करता था। अब आगे चलकर वो रक्षा क्षेत्र में नौकरी पाकर देश की सेवा करना चाहता है।