फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सिंचाई घपले में दस दिन बाद भी दर्ज नहीं हुई एफआईआर

विज्ञापन
विज्ञापन
झांसी। सिंचाई विभाग में उजागर हुए चर्चित घपले में शासन ने नौ आरोपियों के खिलाफ तत्काल नामजद रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन करीब दस दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस अब तक एफआईआर दर्ज नहीं कर सकी है। इस मामले में हो रही लेटलतीफी को देखते हुए एक्सईएन ने एसएसपी के पास पत्र भेजकर मामला दर्ज कराए जाने की मांग की है।
विज्ञापन

बेतवा प्रखंड के तत्कालीन एक्सईएन संजय कुमार को पिछले सीजन में नहरों की सफाई एवं मरम्मत कार्य कराना था। जांच में पाया गया था कि एक्सईएन ने कैशियर अजीत कुमार एवं खंडीय लेखाधिकारी संतोष प्रजापति की मदद से बिना एग्रीमेंट किए छह फर्मों के बीच 77.35 लाख रुपये बांट दिए। एडवांस के नाम पर इन फर्मों को यह रकम दी गई जबकि मौके पर काम शुरू तक नहीं हुआ। जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर उपसचिव, अशोक कुमार श्रीवास्तव ने आरोपी अभियंता संजय कुमार, कैशियर अजीत कुमार एवं लेखाधिकारी संतोष प्रजापति को निलंबित करते हुए इन तीनों समेत छह फार्मों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए।
एक्सईएन बेतवा, उमेश कुमार ने 26 नवंबर को नवाबाद थाने में एक्सईएन संजय कुमार, अजीत, संतोष, सतीश प्रजापति, मां कामांक्षी सप्लायर्स के इंद्रजीत सिंह, मेसर्स शब्द कंस्ट्रक्शन के अभिषेक राठौर, मेसर्स अनुज कंस्ट्रक्शन के अखिलेश कुमार एवं रामनरेश तिवारी, मेसर्स रोहित कंस्ट्रक्शन के रोहित माटा, मेसर्स जेपी इंटरप्राइजेज के जानकी प्रसाद गौतम एवं मेसर्स बाबू प्रसाद तिवारी के खिलाफ नामजद तहरीर दी थी। सरकारी धन में अनियमितता का मामला होने के नाते नवाबाद पुलिस ने तत्काल मामले की जांच शुरू कराने की बात कही लेकिन, दस दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस एफआईआर तक दर्ज नहीं कर सकी। बताया जा रहा कुछ आरोपी फर्म बचने के लिए राह तलाशने में जुटी हुई हैं। इस वजह से मामला दर्ज किए जाने में हीलाहवाली की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

चुनाव में व्यस्तता होने के नाते अभी तक कार्रवाई नहीं हो सकी। जल्द ही मामले में कार्रवाई की जाएगी। दिनेश कुमार पी, एसएसपी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें