झांसी। 25 दिसंबर को ग्राम पंचायतों का कार्यकाल खत्म होने के बाद ग्राम प्रधानों की जगह ब्लॉक स्तर के सहायक विकास अधिकारियों को बतौर प्रशासक तैनात किए जाने की तैयारी है। इसको लेकर पंचायती राज विभाग में इन दिनों होमवर्क चल रहा है। जल्द ही इस संबंध में आदेश जारी होने की उम्मीद है।
पंचायती राज अधिनियम के मुताबिक ग्राम पंचायतों का कार्यकाल खत्म होने तक नई पंचायत का गठन हो जाना चाहिए, लेकिन इस दफे चुनाव समय पर नहीं कराए जा सके। पूरे सूबे में ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 25 दिसंबर को खत्म हो रहा। ऐसे में ग्राम प्रधानों के सभी वित्तीय अधिकार छीन लिए जाएंगे। इसके बाद वह पंचायत संबंधी किसी भी गतिविधि का संचालन नहीं कर सकेंगे। ऐसी परिस्थितियों में पंचायतों की गतिविधि संचालित करने के लिए उनमें प्रशासक तैनात कर दिए जाएंगे। अभी तक प्रशासक बैठाने को लेकर उहापोह चल रही थी, लेकिन अब शासन सहायक विकास अधिकारी स्तर के अधिकारियों को प्रशासक बनाने की तैयारी में है। पिछले दिनों वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान अपर मुख्य सचिव पंचायती राज मनोज सिंह ने इसके संकेत दिए। इसके अनुसार पंचायती राज, ग्राम विकास, समाज कल्याण, सांख्यिकी, कृषि समेत अन्य विभागों में ब्लॉक स्तर पर तैनात सहायक विकास अधिकारियों को पंचायतों का चार्ज 25 दिसंबर के बाद सौंप दिया जाएगा। सहायक विकास अधिकारियों की कम संख्या को देखते हुए एक एडीओ के पास कम से कम एक दर्जन से अधिक पंचायतों का चार्ज रहेगा। वहीं, डीपीआरओ का कहना है अभी इस सबंध में लिखित आदेश नहीं आया है।
एक नजर में कुल पंचायतों की संख्या
प्रदेश में कुल पंचायतें 58407
झांसी- 496
ललितपुर- 415
25 के बाद जमा होगा प्रधानों का बस्ता
कार्यकाल खत्म होने के बाद ग्राम प्रधानों का बस्ता भी 25 दिसंबर के बाद जमा करा लिया जाएगा। इसके बाद वह किसी भी तरह का वित्तीय एवं प्रशासनिक काम नहीं कर सकेंगे। निर्वाचित होने के बाद ग्राम प्रधानों को पंचायती राज विभाग की ओर से एक बस्ता दिया जाता है, जिसमें उनसे संबंधित सभी प्रकार के अभिलेख समेत वित्तीय लेनदेन के लिए डोंगल, स्वच्छ भारत मिशन में इस्तेमाल होने वाली चेकबुक समेत अन्य सामग्री होती है। बस्ता जमा होते ही प्रधान का डोंगल डि-एक्टिवेट कर दिया जाएगा।