फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: बेटे का लग्जरी कारों का काफिला, चुनाव से पहले कार्रवाई, ये कारण बना पूर्व सपा विधायक के लिए सबसे बड़ा फंदा

Thu, 09 Jul 2026 02:39 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, झांसी

सार

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को समाजवादी पार्टी के झांसी के गरौठा से पूर्व विधायक दीप नारायण सिंह यादव उनकी पत्नी पूर्व विधायक मीरा यादव और उनके सहयोगियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कार्रवाई करते हुए उनके 11 ठिकानों पर एक साथ छापा मारा। इनमें दीपनारायण एवं उनके सहयोगियों के झांसी में नौ और लखनऊ स्थित पूर्व विधायक मीरा यादव के दो ठिकाने शामिल थे। ईडी की कार्रवाई से दिन भर खलबली मची रही। 
विज्ञापन
money laundering case - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

झांसी में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच के दायरे में आए पूर्व सपा विधायक दीपनारायण यादव के खिलाफ कार्रवाई की नींव आय से अधिक संपत्ति के मामले से पड़ी। विजिलेंस जांच में सामने आया कि उन्होंने अपनी घोषित आय से करीब 23 करोड़ रुपये अधिक खर्च किए, जिसका संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। यही तथ्य आगे चलकर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच का आधार बना।
विज्ञापन


भाजपा विधायक जवाहर लाल राजपूत की शिकायत पर वर्ष 2021 में विजिलेंस ने पूर्व विधायक के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोपों की जांच शुरू की थी। शासन के निर्देश पर हुई खुली जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। इसके बाद वर्ष 2022 में विजिलेंस ने उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की।

जांच में सामने आया कि दो बार विधायक रहे दीपनारायण यादव ने अपने कार्यकाल के दौरान 14.30 करोड़ रुपये की आय अर्जित की, जबकि 37.32 करोड़ रुपये खर्च किए। यानी उनकी आय की तुलना में 23.02 करोड़ रुपये अधिक व्यय पाया गया। विजिलेंस के अनुसार, इस अंतर का संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया जा सका।
विज्ञापन

इसी आधार पर मामला प्रवर्तन निदेशालय तक पहुंचा। ईडी अब मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत जांच कर रही है। एजेंसी की प्रारंभिक पड़ताल में जमीन कारोबार, निर्माण कार्य और विभिन्न कंपनियों व लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप (एलएलपी) के माध्यम से संपत्तियां जुटाने और उनके जरिए धन शोधन के संकेत मिले हैं। ईडी संपत्तियों के वास्तविक स्वामित्व, वित्तीय लेन-देन और कथित अवैध धन के स्रोतों से जुड़े साक्ष्य जुटाने में लगी है।

 

596 करोड़ की संपत्ति हो चुकी सीज, 50 से अधिक मुकदमे दर्ज
पूर्व विधायक दीपनारायण यादव और उनके सहयोगियों पर वर्ष 2021 के बाद से पुलिस और प्रशासन का शिकंजा लगातार कसता गया। अब तक उनकी और उनके सहयोगियों की करीब 596 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति विभिन्न मामलों में सीज की जा चुकी है।

उनके खिलाफ झांसी, कन्नौज सहित कई जिलों में 50 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इनमें धोखाधड़ी, जालसाजी, रंगदारी, हत्या के प्रयास, डकैती, दंगा और गैंगस्टर एक्ट जैसी गंभीर धाराएं शामिल हैं। कुछ माह पहले मोंठ क्षेत्र में दर्ज लूट और रंगदारी के मामले में उन्हें जेल भी जाना पड़ा था।

 

प्रशासन ने अलग-अलग चरणों में नवंबर 2022 में 130 करोड़, जनवरी 2023 में 107 करोड़, वर्ष 2025 में 263 करोड़, दिसंबर 2025 में 20.26 करोड़ और मई 2026 में 24.28 करोड़ रुपये की संपत्तियां सीज की थीं।

 

चुनाव से पहले ईडी की कार्रवाई से गरमाई सियासत
विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले ईडी की कार्रवाई ने राजनीतिक हलकों में भी हलचल बढ़ा दी है। ईडी की टीम के झांसी पहुंचने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच ''''एक्स'''' पर केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए टिप्पणी की।
 

हालांकि, बुधवार को ईडी की कार्रवाई के बाद देर रात तक समाजवादी पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। इधर, पूर्व विधायक दीपनारायण यादव और उनके पुत्र मून यादव पिछले कुछ समय से गरौठा विधानसभा क्षेत्र में सक्रिय हैं और उनके चुनाव लड़ने की चर्चाएं भी चल रही हैं।

 

प्राइवेट बैंक से मंगाई गईं नोट गिनने की मशीनें
सूत्रों के अनुसार, प्रयागराज से आई ईडी टीम मंगलवार से ही झांसी में डेरा डाले हुए थी। कार्रवाई को पूरी तरह गोपनीय रखा गया और स्थानीय पुलिस को भी पहले से सूचना नहीं दी गई। बुधवार तड़के सुरक्षा बल की मांग किए जाने के बाद पुलिस अधिकारियों को कार्रवाई की जानकारी मिली।

 

बताया जाता है कि ईडी ने एक निजी बैंक से पहले ही चार कर्मचारियों और दो नोट गिनने वाली मशीनों की व्यवस्था कराई थी। बैंक कर्मचारियों को कार्रवाई के स्थान की जानकारी नहीं दी गई थी। मौके पर पहुंचने के बाद उनके मोबाइल फोन भी अपने पास रखवा लिए गए और पूरी कार्रवाई के दौरान किसी को भी मोबाइल इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं थी।
 

बिल्डरों और कारोबारियों से भी हुई पूछताछ
ईडी की टीम ने पूर्व विधायक के करीबी माने जाने वाले कई बिल्डरों और कारोबारियों से भी पूछताछ की। जमीन के सौदों और संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों की जानकारी जुटाई गई। देर रात तक कार्रवाई जारी रही और गुरुवार को भी जांच आगे बढ़ने की संभावना जताई गई।

पुत्र के लग्जरी कारों के काफिले की भी चर्चा
पूर्व विधायक के पुत्र मून यादव का लग्जरी कारों का काफिला भी पिछले कई महीनों से चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार, वह अक्सर तीन या उससे अधिक महंगी गाड़ियों के काफिले के साथ क्षेत्र में दिखाई देते हैं। दूसरी ओर, पूर्व विधायक की छह लग्जरी कारें पहले की कार्रवाई में सीज होकर कई वर्षों से नवाबाद थाने में खड़ी हैं।
 

पूर्व विधायक के ठिकानों पर ईडी ने मारा छापा
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को समाजवादी पार्टी के गरौठा से पूर्व विधायक दीप नारायण सिंह यादव उनकी पत्नी पूर्व विधायक मीरा यादव और उनके सहयोगियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कार्रवाई करते हुए उनके 11 ठिकानों पर एक साथ छापा मारा। इनमें दीपनारायण एवं उनके सहयोगियों के झांसी में नौ और लखनऊ स्थित पूर्व विधायक मीरा यादव के दो ठिकाने शामिल थे। ईडी की कार्रवाई से दिन भर खलबली मची रही। 

 

ईडी दस्ते ने पूर्व विधायक दीपनारायण, उनकी पत्नी मीरा यादव एवं बेटे मून से भी पूछताछ की। तलाशी के दौरान चल-अचल संपत्तियों, वित्तीय लेन-देन और कारोबारी गतिविधियों से जुड़े कई अहम दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और रिकॉर्ड बरामद किए हैं। देर-शाम तक ईडी छानबीन में जुटी रही।

 

सीआरपीएफ, पीएसी दस्ते एवं भारी पुलिस बल के साथ सुबह करीब छह बजे प्रयागराज से आई ईडी टीम पूर्व विधायक के निवास मून सिटी समेत उनके रिश्तेदारों एवं सहयोगियों के घरों पर एक साथ जा धमकी। मून सिटी में पहुंचते ही ईडी अफसरों ने मुख्य दरवाजा बंद करा दिया। किसी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश को भी रोक दिया गया वहीं, दूसरी टीम मोंठ स्थित उनके पैतृक आवास बुढ़ावली जा पहुंची। सुबह ही भारी पुलिस बल के पहुंचने से यहां भी खलबली मच गई।
 

ईडी दस्ते ने इलाइट चौराहा स्थित कुंवर पैलेस होटल, पूर्व विधायक के साले एवं पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष अनिरुद्ध यादव उर्फ बड़े राजा, अशोक गोस्वामी एवं उनके छोटे भाई बबलू उर्फ अन्ना के आवास पर भी पहुंचकर छानबीन की। लखनऊ में पूर्व विधायक मीरा यादव के नाम पर बने दो फ्लैट में भी छापा मारा गया।
विज्ञापन

पूरी कार्रवाई के दौरान सुरक्षा का तगड़ा इंतजाम रहा। किसी बाहरी आदमी को पूर्व विधायक एवं उनके परिवार से संपर्क करने की इजाजत नहीं दी गई। मून सिटी के ग्यारहवें तल पर स्थित आवास समेत निचले तल पर बने कार्यालय में कई घंटे तक तलाशी ली गई। पूर्व विधायक दीप नारायण, पत्नी एवं पूर्व विधायक मीरा एवं पुत्र मून से टीम में शामिल सदस्यों ने कई सवाल पूछे। उनके पुत्र मून को ईडी टीम अपने साथ कई जगह गई। देर शाम तक टीम कार्रवाई करने में जुटी रही।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें