खबर का असर, पीडीएफ को साथ
मेडिकल कॉलेज में गंदगी मिलने पर प्राचार्य ने की कार्रवाई, हाउसकीपिंग एजेंसी के बिल से 25 कर्मियों के दो दिन का वेतन काटने का भी आदेश
महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण के आदेश पर की गई सख्त कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी और वार्डों में गंदगी फैले रहने के मामले में कॉलेज प्रशासन से सोमवार को सख्ती दिखाई। इमरजेंसी की सिस्टर इंचार्ज समेत तीन को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई और एक दिन का वेतन काटते हुए अग्रिम आदेश तक वेतन आहरण पर रोक लगा दी गई।वहीं, हाउसकीपिंग एजेंसी के मासिक बिल से 25 संविदा सफाईकर्मियों का दो दिन का वेतन काटने के आदेश दिए गए। पूरे परिसर की सफाई कराई गई।
मेडिकल कॉलेज की साफ-सफाई के मुद्दे पर सोमवार को अमर उजाला में हर माह 80 लाख खर्च, 450 कर्मचारी फिर भी पसरी गंदगी शीर्षक से खबर प्रकाशित की गई थी। इस खबर पर संज्ञान लेते हुए शासन और स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों ने मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य से जवाब तलब किया और दोषियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर, प्रमुख अधीक्षक डॉ. सुनीता राठौर, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सचिन माहुर सीधे इमरजेंसी पहुंचे तो आईसीयू, पोस्ट ऑपरेशन वार्ड और ऑपरेशन थियेटर के पास मेडिकल वेस्ट और गंदगी पड़ी मिली। इसके बाद वार्डों के पास भी मेडिकल वेस्ट पड़ा मिला।
प्राचार्य ने महानिदेशक (चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण) को मय साक्ष्य रिपोर्ट भेजते हुए कहा कि निरीक्षण में गंदगी मिली है। इसके लिए इमरजेंसी में तैनात सिस्टर इंचार्ज शिवा टी, डीएनएस (डिप्टी नर्सिंग सुप्रिटेंडेंट) प्रियंका पांडेय और एएनएस (असिस्टेंट नर्सिंग सुप्रिटेंडेंट) मुर्मू का एक दिन का वेतन काटते हुए अग्रिम आदेशों तक वेतन आहरण पर रोक लगा दी है। तीनों को प्रतिकूल प्रविष्टि भी दी गई। वहीं, प्राचार्य ने इमरजेंसी की तीनों शिफ्टों में काम करने वाले करीब 25 सफाईकर्मियों की लापरवाही मानते हुए हाउसकीपिंग एजेंसी के मासिक बिल से उनके दो दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए हैं।
वहीं, प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर ने बताया कि पर्चा काउंटर के पास बने सार्वजनिक शौचालय के अंदर कैंटीन संचालक का सामान रखा मिला है। इसे तत्काल जब्त कर लिया गया है। वहीं, कैंटीन संचालक का बिजली कनेक्शन काट दिया गया।