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बीयू में एबीवीपी कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन, लगाया जाम

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बीयू में एबीवीपी कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन, लगाया जाम
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झांसी। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने छात्रसंघ चुनाव कराए जाने, पुनर्मूल्यांकन के शुल्क में कमी, विश्वविद्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार को समाप्त करने समेत तमाम मांगों को लेकर बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी में जबरदस्त प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने झांसी-कानपुर राजमार्ग पर जाम भी लगाया। कुलपति से मुलाकात होने के बाद कार्यकर्ताओं ने जाम खोल दिया। कार्यकर्ताओं ने उन्हें मांग पत्र सौंपा। इस पर कुलपति ने जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया।
पूर्व नियोजित कार्यक्रम के तहत एबीवीपी के कार्यकर्ता सुबह साढ़े नौ बजे से ही बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में जुटने लगे थे। दस बजे के बाद कार्यकर्ताओं ने बीयू परिसर में प्रदर्शन और नारेबाजी शुरू कर दी। कुछ ही देर में कार्यकर्ताओं ने प्रशासनिक भवन घेर लिया। पुलिस-प्रशासन ने किसी तरह उन्हें बाहर निकालकर गेट बंद किया। इससे कार्यकर्ता और आक्रोशित हो गए। गेट पर लटककर उसे खोलने का प्रयास किया। कुछ ही देर में गेट खुल गया। इसके बाद छात्र कुलपति कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए। कुछ कार्यकर्ताओं ने झांसी-कानपुर राजमार्ग पर जाम लगा दिया। इससे वाहनों की लंबी कतार लग गई। सूचना पर कुलपति प्रो. जेवी वैशम्पायन कार्यकर्ताओं से मिलने पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने उन्हें 29 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन पढ़कर सुनाया।
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ज्ञापन में कहा गया कि विश्वविद्यालय और सभी कॉलेजों में छात्रसंघ चुनाव कराए जाएं। बीयू के सभी विभागों और छात्रावासों में पेयजल, खिड़की, पंखे, लाइट की व्यवस्था की जाए। बीयू, कॉलेज में शिक्षकों की कमी पूरी की जाए। रिसर्च स्कॉलर को स्कॉलरशिप दी जाए। यूनिवर्सिटी में एकल खिड़की, हेल्प लाइन नंबर एवं छात्र सहायता डेस्क को छात्र हित में चालू किया जाए। कैंपस में युवाओं के प्रेरणास्त्रोत स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा स्थापित हो। एक ही स्थान पर तीन वर्ष से अधिक समय से तैनात अधिकारी, कर्मचारियों का स्थानांतरण किया जाए। बीयू में प्लेसमेंट के नाम पर हर छात्र से एक हजार रुपये शुल्क लिया जाता है, जिसकी रसीद छात्रों को नहीं दी जाती है, जो गलत है। आरटीआई अधिनियम के तहत उत्तर पुस्तिका की छाया प्रति का शुल्क दो रुपये प्रति है, जो कि विश्वविद्यालय द्वारा 500 रुपये तक लिया जा रहा है। उसको छात्रहित में दस रुपये किया जाए। पुनर्मूल्यांकन शुल्क तीन हजार रुपये से घटाकर दो सौ रुपये किया जाए। मांग की कि स्पेशल बैक परीक्षा की व्यवस्था पुन: बहाल हो। गणतंत्र दिवस के पूर्व विश्वविद्यालय में 200 फीट का राष्ट्रीय ध्वज स्थापित किया जाए। बीयू की वार्षिक आय-व्यय का सरकारी ऑडिट कराया जाए। साथ ही इसकी वीडियोग्राफी भी कराएं। छात्रों को त्रुटिपूर्ण मार्क्सशीट नि:शुल्क दी जाए। सभी छात्रावासों की कॉशन मनी स्वत: ही छात्रों के खातों में वापस की जाए। कौशल विकास की नियमित कक्षाएं शुरू की जाएं। यूनिवर्सिटी की जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई हो।
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इसके अलावा बीयू में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार के लिए चल रहे प्रोजेक्टों जैसे रूसा, टीक्यूप, इनोवेशन सेंटर आदि की अनियमितताओं के लिए प्रथक शिकायत प्रकोष्ठ का गठन कर विशेषज्ञों की समिति बनाकर जांच कराई जाए। एबीवीपी कार्यकर्ताओं की मांग सुनने के बाद कुलपति ने शीघ्र निस्तारण का आश्वासन दिया। प्रदर्शन के दौरान प्रदेश मंत्री प्रवीण लखेरा, अजय यादव, महानगर संयोजक वेद श्रीवास्तव, अंशुमान द्विवेदी, मनेंद्र सिंह गौर, अखिल उत्तम पटेल, अर्चित सोनी, जयवीर सोनी, अरुण खत्री, हिमांशु, प्रियांशु पटैरिया, सौरभ बग्गम, राजा पटेल, अजय चौरसिया, सुधीर यादव मौजूद रहे।
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