शहर को सफाई में नंबर-वन बनाने की कोशिशों के बीच कुछ कर्मचारियों का ढर्रा अभी भी नहीं सुधर रहा है। इसका उदाहरण महापौर किरन वर्मा को निरीक्षण के दौरान गुसाईंपुरा में दिखा। वहां गंदगी पसरी थी। छह सफाई कर्मचारी नदारद थे, लेकिन उनकी हाजिरी रजिस्टर में दर्ज थी। महापौर ने सफाई निरीक्षक दयानंद मुरज्यानी और सफाई हवलदार के खिलाफ कार्रवाई के लिए नगर आयुक्त को लिखा है।
महापौर ने वार्ड नंबर 59 गुसाईंपुरा में मंगलवार को किसी कार्यक्रम में शामिल होने गई थीं। वहां पर मुहल्ले वालों ने गंदगी और नियमित सफाई नहीं होने की शिकायत की तो वह मुहल्ले का निरीक्षण करने लगीं। उन्होंने सफाई हवलदार को बुलवाया और सफाई कर्मचारियों के बारे में पूछा तो बताया कि वार्ड में 21 कर्मचारी काम कर रहे हैं। इस पर उन्होंने मस्टर रोल दिखाने को कहा तो छह कर्मचारियों की हाजिरी लगी थी, जबकि वह काम पर आए ही नहीं थे। करीब एक घंटा तक सफाई कर्मियों को बुलवाया गया, लेकिन सभी कर्मचारी फिर भी नहीं आ सके। केवल 15 कर्मचारी ही मौके पर पहुंचे। उन्होंने देखा कि वार्ड में कई स्थानों पर कचरा के ढेर लगे थे। सफाई कर्मियों से मौके पर खड़े होकर सफाई कराई। गैरहाजिर सफाई कर्मियों का वेतन काटने, सफाई हवलदार और सफाई निरीक्षक के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए नगर आयुक्त को लिख दिया है।