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समर्थन मूल्य से कम खरीद पर होगी कार्रवाई

Thu, 31 Mar 2016 11:50 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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wheat, jhansi hindi news - फोटो : demo
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झांसी। क्षेत्रीय विपणन अधिकारी सत्येंद्र नाथ पांडेय ने कहा कि जिले में 71 केंद्रों पर गेहूं की खरीद शुक्रवार से प्रारंभ होगी। एजेंसियां केंद्रों पर किसानों को सभी सहूलियतें उपलब्ध कराएं। समर्थन मूल्य 1,525 रुपये प्रति क्विंटल से कम कीमत में खरीद की शिकायत पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट के गांधी सभागार में आयोजित कार्यशाला में आरएमओ ने कहा कि केंद्र पर इलेक्ट्रॉनिक कांटा, नमी मापक यंत्र, सिलाई मशीन, पर्याप्त संख्या में बोरे के साथ ही ठंडे पानी की व्यवस्था, छांव के लिए पंडाल व गेहूं को पानी से बचाने के लिए त्रिपाल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। केंद्र प्रात: नौ से सायं छह बजे तक खुलेंगे। बंदी की शिकायत मिलने पर कार्रवाई होगी।

किसानों को आरटीजीएस के माध्यम से तत्काल भुगतान किया जाए। लघु सीमांत कृषकों को गेहूं बेचने में किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए निर्धारित दिवस घोषित किए जा रहे हैं। सभी केंद्र पर बैनर लगाए जाएं, जिन पर केंद्र का नाम, प्रभारी का नाम व मोबाइल नंबर अनिवार्य रूप से लिखा जाए। केंद्र कांटा, छन्ना, पंखा आदि की व्यवस्था मंडी परिषद द्वारा की जाएगी। इसमें गड़बड़ी होने पर मंडी सचिव द्वारा दुरुस्त कराया जाएगा।\
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झांसी। गेहूं खरीद को लेकर शासन का रुख उदासीन है। शासन ने अब तक गेहूं क्रय के लिए कोई नीति जारी नहीं की है। खरीद का लक्ष्य भी तय नहीं किया है। जबकि, पूर्व के वर्षों में यह कार्य काफी पहले हो जाया करते थे।

बुंदेलखंड सूखे की चपेट में है। इससे गेहूं की फसल बुरी तरह से प्रभावित हुई है। स्थिति यह है कि जिले में पचास फीसदी खेतों में ही गेहूं की फसल की बुवाई हो पाई थी। प्राकृतिक आपदा के बीच किसानों ने अपने पसीने से सींच कर फसल तैयार की, जो अब पककर बिकने को तैयार है। लेकिन, गेहूं खरीद को लेकर शासन का लचर रवैया सामने आया है।

स्थिति का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि अब तक गेहूं क्रय नीति भी जारी नहीं की गई है। खरीद के क्या नियम होंगे?  किसानों को कितनी राहत दी जाएगी? इस संबंध में अभी तक कोई नये निर्देश नहीं आए हैं। ऐसे में पुराने नियमों के मुताबिक एक अप्रैल से खरीद की जाएगी।

यहां तक कि आढ़तियों से गेहूं खरीदा जाएगा या नहीं, इस पर भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इसके अलावा लक्ष्य भी अब तक आवंटित नहीं किया गया है। जबकि, पूर्व के वर्षों में यह काम गेहूं खरीद प्रक्रिया के शुरू होने से काफी पहले हो जाता था।
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‘नई गेहूं क्रय नीति अभी नहीं आई है। इसके अलावा खरीद का लक्ष्य भी आवंटित नहीं किया गया है। हालांकि, यह दोनों ही जल्द प्राप्त हो जाएंगे।’
- डी के तिवारी, डिप्टी आरएमओ
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