पंकज कश्यप
झांसी। समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित अभ्युदय योजना से अभ्यर्थियों का भविष्य उज्ज्वल हो रहा है। गरीब और मध्यम वर्ग के अधिकांश बच्चे इस योजना का लाभ ले रहे हैं। बुंदेलखंड महाविद्यालय में संचालित अभ्युदय कोचिंग में पिछले साल पढ़ने वाले 100 अभ्यर्थियों में से छह ने नीट में और एक विद्यार्थी ने अन्य प्रतियोगी परीक्षा में सफलता हासिल की है। इस उपलब्धि के बाद इस साल 150 छात्र-छात्राओं ने यहां प्रवेश लिया है।
सिविल सेवा, जेईई, नीट, एनडीए, सीडीएस आदि प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए प्रदेश सरकार की ओर से अभ्युदय कोचिंग चलाई जा रही है। इसमें निर्बल आय वर्ग के मेधावी छात्र, जो संसाधनों की कमी के कारण निजी कोचिंग संस्थानों में प्रवेश लेने में असमर्थ होते हैं, उन्हें मौका दिया जाता है।
कोचिंग के कोऑर्डिनेटर सतीश कुमार ने बताया कि 2024 में करीब 100 छात्र-छात्राओं ने पंजीकरण कराया था। नीट में नीरज साहू, तुषार, नंदनी दुबे, मयंक साहू, भाव्या शर्मा और उर्वशी का चयन हुआ है। कोचिंग में छह ट्रेड फैकल्टी के अलावा स्थानीय स्तर के आईएएस अधिकारी भी अभ्यर्थियों को महत्वपूर्ण जानकारी देते हैं। जेईई, नीट के लिए अलग और यूपीएससी के लिए अलग-अलग कक्षाएं हैं। सभी डेढ़-डेढ़ घंटे तक संचालित होती हैं। कोचिंग के छात्र हनी रावत ने बताया कि वह अपने सपनों को साकार करने के लिए मेहनत कर रहे हैं। वाट्सएप ग्रुप के जरिए भी हमलोग जानकारी साझा करते हैं। (संवाद)
अभ्यर्थियों के लिए सुविधाएं
ऑफलाइन एवं ऑनलाइन मोड में कक्षाओं का संचालन
ई-लर्निंग प्लेटफार्म, राज्य सरकार में कार्यरत अधिकारियों की ओर से निशुल्क मार्गदर्शन एवं प्रशिक्षण
संदेह निवारण, विषय वस्तु विशेषज्ञ, करियर काउंसलिंग, पुस्तकालय की व्यवस्था
वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से प्रेरक कक्षाएं, मॉक साक्षात्कार, फ्री वाई-फाई
इन्होंने कहा
मेरे पिता किसान हैं। मैं यूपीएससी की तैयारी करना चाहती थी लेकिन निजी कोचिंग की फीस महंगी होने के चलते मैं प्रवेश नहीं ले पा रही थी। अभ्युदय योजना के तहत यहां प्रवेश लेकर तैयारी कर रही हूं। - लवली सिंह, पुलिया नं. 9
मेरे पिता दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। प्राइवेट कोचिंग और अभ्युदय की शिक्षा में बहुत अंतर है। यहां जिस प्रकार से शिक्षा दी जा रही है, उसका तरीका बेहद ही सरल है। - संस्कार तिवारी, हंसारी
मेरे पिता किसान हैं और मैं उच्च शिक्षा ग्रहण करने के साथ ही प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा हूं। डेमो क्लास अटेंड करने के बाद मुझे विश्वास है कि मैं यहां से तैयारी कर प्रतियोगी परीक्षा में सफलता हासिल करूंगा। - अनुज कुमार, महोबा
मेरे पिता की जूस की दुकान है। मैं पॉलिटेक्निक करने के साथ ही जेईई की तैयारी कर रही हूं। यहां फैकल्टी के अलावा आईएएस अधिकारी भी समय-समय पर क्लास लेकर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में मदद कर रहे हैं। - पूनम गौतम, मसीहागंज