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आखिर यहीं क्यों पकड़े जाते हैं बदमाश!

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झांसी। जिले में अपराध किसी भी गली, मोहल्ले या गांव में हों पर अपराधियों की गिरफ्तारी 80 चुनिंदा स्थानों पर ही होती है। ऐसे में सवाल उठता है कि हर बार यह इत्तेफाक होता है या फिर पुलिस की लिखापढ़ी की एक खास शैली है।
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जिले में पुलिस प्रतिदिन कई मामलों में अपराधियों को गिरफ्तार करती है। पुलिस की गिरफ्तारी के गिने चुने स्थल हैं जो सालों से चले आ रहे हैं। इन्हीं के आधार पर एक खास भाषा में लिखा पढ़ी होती है। वाहन चोर से लेकर शातिर बदमाश से मिलने वाला तमंचा व कारतूस, मोबाइल चोर, फरार वांछित, अपराधी, फरार आरोपी व अन्य बदमाशों की गिरफ्तारियों का सिलसिला लंबे समय से इन स्थानों पर चला आ रहा है।
बदल जाती है स्क्रिप्ट, नहीं बदलता क्राइम सीन
गिरफ्तारी का स्थान ही नहीं, पुलिस की लिखा पढ़ी में क्राइम सीन कभी नहीं बदलता। क्राइम सीन हमेशा एक जैसा होता है। पुलिस की स्क्रिप्ट जरूर बदल जाती है। यह सिलसिला सालों से चला आ रहा है।
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ये स्थान हैं प्रसिद्ध
- थाना कोतवाली : पंचवटी कॉलोनी, नारायण बाग के पास, अंजनी माता मंदिर।
- थाना सीपरी बाजार : ग्वालियर मार्ग शिवानी होटल, करारी गांव।
- थाना नवाबाद : चंद्रशेखर तिराहा, डीआरएम कार्यालय के पास।
- थाना प्रेमनगर : बिजौली ग्रोथ सेंटर के पास, पश्चिम टिकट घर के पास।
- थान सदर बाजार : भगवंतपुरा से रिसाला चुंगी के बीच, भट्टागांव व खिरकपट्टी।
साल गिरफ्तारी
2019 436
2020 212
पुलिस जहां से बदमाशों को गिरफ्तारी करती है वहीं से घटनास्थल दिखाती है। जो बाकायदा लिखापढ़ी में अंकित होता है। इसमें किसी भी प्रकार का कोई स्थान तय नहीं है।
विवेक कुमार त्रिपाठी, एसपी सिटी
जहां से बदमाश गिरफ्तार होते हैं, वहीं से उनको दिखाया जाता है। पुलिस की यह सारी लिखापढ़ी अदालत तक पहुंचती है। इसका पुलिस पूरा ध्यान रखती है। कल्याण सिंह, रिटायर्ड - सीओ
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