अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। चिरगांव के पचार गांव निवासी राकेश अहिरवार (40) ने सोमवार सुबह घर के बाहर बिजली के तार में फंदा लगाकर जान दे दी। उसकी पत्नी पिछले दो महीने से गुजराज के जामनगर में रहकर काम करती थी। वह यहां आने को राजी नहीं थी। इस वजह से उनके बीच विवाद भी होता था। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है।
पचार निवासी राकेश प्राइवेट काम करता था। परिजनों ने बताया कि उसकी पत्नी कुसुम पिछले करीब ढाई महीने से अपने बच्चे के साथ गुजरात के जामनगर इलाके में रहती थी। यहां वह एक प्राइवेट फैक्टरी में काम करती थी। राकेश उसको वापस गांव बुलाता था लेकिन वह वापस लौटने को राजी नहीं थी। इस वजह से दोनों में विवाद भी होता था। पत्नी के वापस न आने से राकेश दुखी रहने लगा था। परिजनों के मुताबिक सुबह राकेश उठकर बाहर निकला। कुछ देर बाद ही घर के बाहर से निकली केबिल के सहारे उसने रस्सी से फंदा लगा लिया। उसे फंदे से लटका देख खलबली मच गई। थोड़ी देर में चिरगांव पुलिस भी पहुंच गई। फोरेंसिक टीम को भी बुला लिया गया। सीओ मोंठ अजय श्रोत्रिय का कहना है कि पत्नी के वापस न आने से वह परेशान था।