झांसी। मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में निर्माणाधीन सिंथेटिक बास्केटबॉल कोर्ट एक साल बाद भी बनकर तैयार नहीं हो सका जबकि इसके लिए छह माह की डेडलाइन तय थी। कोर्ट का निर्माण पूरा न होने से खिलाड़ियों का इंतजार बढ़ता जा रहा है वहीं, इसकी दूसरी किस्त भी रोक दी गई। इस वजह से करीब तीस फीसदी काम पूरा नहीं हो सका।
बास्केटबॉल खिलाड़ियों को आधुनिक स्तर का प्रशिक्षण देने के लिए स्टेडियम में 4.97 करोड़ की लागत से सिंथेटिक कोर्ट का निर्माण कराया जा रहा है। पिछले साल मई महीने में आवास विकास परिषद ने निर्माण आरंभ कराया। शुरूआत में काम पूरा होने की डेडलाइन छह माह तय हुई लेकिन, तयशुदा समय पर काम पूरा नहीं हो सका। दोबारा से फरवरी महीने तक काम पूरा होने की बात कही गई लेकिन, उस दौरान बजट की दूसरी किस्त रोक दी गई। अब बजट भी जारी नहीं हो पा रहा। इस वजह से काम की रफ्तार धीमी पड़ गई। खेल विभाग के सूत्रों का कहना है कि गुणवत्ता संबंधी शिकायत होने से किस्त रोक दी गई। शासन को यह फाइल भेजी गई लेकिन, वहां से भी मंजूरी नहीं मिली। इस वजह से निर्माण कार्य रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा। अभी तक महज 70 फीसदी काम पूरा हो सका है। सिंथेटिक सतह बिछाने के साथ फिनिशिंग समेत अन्य कार्य अधूरे पड़े हैं। फ्लड लाइट, दर्शक दीर्घा एवं प्रशासनिक भवन का निर्माण भी बाकी है। क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी करमवीर सिंह ने बताया कि निर्माण कार्य जारी है। सितंबर तक काम पूरा हो जाएगा।