A sound of political crisis, Shivraj reached in the shelter of mother Pitambara
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दतिया। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को भाजपा संसदीय बोर्ड से हटाए जाने के बाद से ही मध्यप्रदेश में होने वाले चुनाव में उन्हें मुख्यमंत्री का चेहरा बनाए जाने को लेकर संशय बरकरार है। सियासी गलियारों में अचकलों का बाजार गर्म है, ऐसे में आज रविवार को शिवराज ने सपत्नीक दतिया मां पीतांबरा की शरण में पहुंचकर पूजा अर्चना को भी सियासी पंडित इसी राजनीतिक घटनाक्रम से जोड़कर देख रहे हैं। ऐसी धार्मिक मान्यता है कि मां पीतांबरा सत्ता और वैभव की देवी ही मानी जाती हैं, जब भी देश का छोटे से लेकर बड़ा नेता जब भी सियासी संकट में फंसता है वह मां पीतांबरा की शरण आता है तक को। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का दतिया दौरा और मां पीतांबरा पीठ मंदिर में पूजा अर्चना करने को इसी से ही जोड़कर देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान रविवार की सुबह 11 बजे सपत्नीक दतिया पहुंचे। उन्होंने विश्व प्रसिद्ध मां पीतांबरा पीठ मंदिर में पत्नी साधना सिंह के साथ विशेष पूजा अर्चना की, साथ ही महाभारत कालीन वन खंडेश्वर महादेव का जलाभिषेक भी किया। पंडित चंद्र मोहन दीक्षित चंदा गुरु ने मंत्रोच्चारण के साथ मां पीतांबरा एवं वन खंडेश्वर महाराज की विधि-विधान से विशेष पूजा-अर्चना कराई।
इससे पूर्व प्रदेश के गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र, प्रभारी मंत्री सुरेश धाकड़ राठखेड़ा, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि धीरू दांगी, नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती शांति प्रशांत ढेंगुला, भांडेर विधायक रक्षा संतराम सरौनिया, युवा नेता सुकर्ण मिश्रा ने हैलीपैड पर पहुंचकर स्वागत किया। हेलीपैड से मुख्यमंत्री सीधे पीताम् ंबरा पीठ मंदिर पहुंचे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंदिर परिसर में आधा घंटा से अधिक समय तक रहे। उन्हाेंने मां पीतांबरा से प्रदेश की खुशहाली की कामना की। उल्लेखनीय है कि पीतांबरा पीठ तांत्रिक शक्तिपीठ है।