अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो द्वितीय) निर्भय प्रकाश की अदालत ने ललितपुर जिले के राजघाट चौकी क्षेत्र के एक गांव में किशोरी को शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म करने वाले युवक को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है और 55 हजार रुपये अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर छह माह अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
यह मामला 2017 का है। कोतवाली क्षेत्र के राजघाट चौकी के अंतर्गत एक ग्राम निवासी किशोरी ने 09 मई 2017 को कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि वह कक्षा 11 की छात्रा है। वह अपने गांव से राजघाट पैदल अपने छोटे भाई के साथ स्कूल आती-जाती थी।
एक दिन उसका भाई बीमार होने के कारण स्कूल नहीं गया और वह अकेले पैदल ही घर से राजघाट गई। शाम को स्कूल से लौटते समय रास्ते में नहर के पास उसकी पहचान के ग्राम मैलार निवासी मनोज ने अकेला पाकर उसे पकड़ लिया और धमकाकर उसके साथ दुष्कर्म किया।
किसी को बताने पर उसके इकलौते भाई को जान से मारने की धमकी दी। डर के मारे उसने घर में कुछ नहीं बताया। मनोज उसे गांव में बदनाम करने की धमकी देकर लगातार उसके साथ दुष्कर्म करता रहा, जिससे वह गर्भवती हो गई।
इसके बाद मनोज ने उसके माता-पिता से षड्यंत्र करके 30 अप्रैल 2017 को उसकी शादी दूसरी जगह करा दी। ससुराल पहुंचने पर बधाई के दौरान लोगों को गर्भ की जानकारी हो गई और ससुरालियों ने उसके माता-पिता को सूचित करके उसे मायके छोड़ दिया। इसके बाद उसने अपने माता-पिता को पूरी जानकारी दी।
वह आठ माह के गर्भ से थी। युवती के अनुसार उसके परिजनों ने मनोज के परिजनों को उलाहना दिया तो उन लोगों ने बच्चा गिराने को कहा और धमकी दी कि ऐसा नहीं करने पर उनका समाज में आना-जाना बंद करा देंगे। जिसपर कोतवाली पुलिस ने किशोरी का चिकित्सीय परीक्षण करवाया और मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया।
तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन था। शनिवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो द्वितीय) की कोर्ट ने अभियोजन पक्ष की ओर से पेश दलीलों, साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर सुनवाई करते हुए अभियुक्त मनोज को शादी का झांसा देकर किशोरी से दुष्कर्म करने के मामले में दोषी पाते हुए सजा सुनाई। मामले की पैरवी सहायक शासकीय अधिवक्ता लखनलाल यादव ने की।