दतिया। थाना गोराघाट क्षेत्र के ग्राम उचाड़ में 11 केवी की बिजली लाइन पर काम कर रहे युवक को करंट लग गया। जिससे वह नीचे आ गिरा और उसकी मौत हो गई। बताया गया कि ठेकेदार ने लाइन बंद करने का परमिट नहीं लिया था। जिससे युवक हादसे का शिकार हो गया। घटना बृहस्पतिवार दोपहर की बताई गई है। ठेकेदार युवक को दोपहर में ही अस्पताल लेकर पहुंच गया था। जबकि उसने मृतक के परिजनों को करंट लगने की जानकारी शाम को दी। परिजन अस्पताल पहुंचे तो युवक का शव पोस्टमार्टम हाऊस में रखा मिला।
शुक्रवार को सुबह 11 बजे मृतक के परिजनों ने शव को अस्पताल रोड पर रखकर जाम लगा दिया। उनका आरोप था कि ठेकेदार ने युवक के साथ मारपीट की फिर करंट लगाकर उसकी हत्या कर दी। वह ठेकेदार पर हत्या का मामला दर्ज करने की मांग कर रहे थे। परिजन करीब तीन घंटा तक जाम लगाए रहे।
बिजली कंपनी के ठेकेदार हरी सिंह कुशवाहा निवासी सुखदेव पुरा के यहां ग्राम जुझारपुर निवासी राजू (32) पुत्र भगतराम कुशवाहा लाइनमैन का काम करता था। वह बृहस्पतिवार को करीब डेढ़ साल से ठेकेदार हरी सिंह के यहां काम कर रहा था। लेकिन करीब चार महीने से वेतन न मिलने के कारण उसने काम पर जाना बंद कर दिया। चार-पांच दिन पहले ही ठेकेदार हरी सिंह उसे मनाकर फिर काम पर ले गया। बृहस्पतिवार को दोपहर 12 बजे राजू कुशवाहा ठेकेदार के साथ ग्राम उचाड़ गया। जहां वह 11 केवी लाइन के पोल पर काम कर रहा था। ठेकेदार ने बिजली सप्लाई बंद कराने के लिए परमिट नहीं लिया था। काम करने के दौरान राजू अचानक करंट की चपेट में गया और सीधा नीचे जमीन पर आ गिरा। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। ठेकेदार उसके शव को लेकर जिला अस्पताल पहुंचा। लेकिन उसने घटना की जानकारी मृतक के परिजनों को नहीं दी। घटना के करीब छह घंटे बाद ठेकेदार ने राजू को करंट लग जाने के बारे में बताया। उसने बताया कि राजू अस्पताल में भर्ती है और उसका इलाज चल रहा है। देर रात परिजन अस्पताल पहुंचे तो उन्हें राजू का शव पीएम हाऊस में रखा मिला। शुक्त्रस्वार को सुबह उसके शव का पोस्टमार्टम किया गया। परिजनों को पीएम ठीक से न होने का संदेह हुआ तो वह लोग शव को लेकर अस्पताल के बाहर सड़क पर अ गए और जाम लगा दिया। परिजन ठेकेदार पर हत्या का मामला दर्ज करने की मांग कर रहे थे। उनका कहना था कि ठेकेदार ने राजू के साथ मारपीट की तथा उसकी करंट लगाकर हत्या कर दी। जाम की जानकारी मिलने पर दोपहर दो बजे एसडीएम अशोक सिंह चौहान मौके पर पहुंचे। उनकी समझाइश के बाद परिजनों ने जाम खोल दिया। चूंकि परिजनों को संदेह था कि अस्पताल में डॉक्टरों ने उसका पीएम सही तरीके से नहीं किया इस पर वह शव को फिर पीएम के लिए ग्वालियर ले गए। पुलिस ने पीएम रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की बात कही है।