संचारी रोग नियंत्रण अभियान की बैठक, लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी
संवाद न्यूज एजेसी
ललितपुर। अक्तूबर में होने वाले विशेष संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान की रूपरेखा तय करने के लिए बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट सभागार में अंतर्विभागीय बैठक हुई। इसमें लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को कार्रवाई की चेतावनी दी गई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी वीरेंद्र सिंह ने अभियान की संक्षिप्त रूपरेखा प्रस्तुत की।
उन्होंने सभी विभागों को अपनी गतिविधियों का माइक्रोप्लान समय से तैयार करने को कहा। जिला मलेरिया अधिकारी अनिल क्रिस्टोफर मैसी ने पीपीटी के माध्यम से विभागों के उत्तरदायित्वों को समझाया। उन्होंने जनमानस को खुले में साफ पानी इकट्ठा न होने देने की अपील की, क्योंकि इसमें डेंगू के मच्छर पनपते हैं। पंचायती राज और नगर विकास विभागों को हाई-रिस्क गांवों और वार्डों की सूची दी गई। मुख्य विकास अधिकारी शेषनाथ सिंह चौहान ने पिछले अभियानों की कमियां तत्काल दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी उच्च गुणवत्ता के साथ फील्ड एक्टिविटी सुनिश्चित करें। इसका उद्देश्य राज्य स्तर पर जनपद की फीडबैक और रैंकिंग सर्वोच्च बनाए रखना है। उन्होंने चेतावनी दी कि अभियान में किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं होगी।
चिह्नित हाई-रिस्क क्षेत्रों में रुके पानी की निकासी प्राथमिकता पर करने को कहा गया। नालियों की सघन सफाई, जलभराव वाले गड्ढों को मिट्टी से भरना भी इसमें शामिल है। मच्छरों के आश्रय स्थलों को नष्ट करने के लिए झाड़ियों की कटाई के निर्देश दिए गए। लार्वानाशक दवाओं और एंटी-लार्वा केमिकल का नियमित छिड़काव करने को भी कहा गया। बैठक में नोडल वीबीडी आरएन सोनी, नोडल शहरी राजेश भारती, एपिडेमियोलॉजिस्ट देशराज और डीसीपीएम गणेश टेगुरिया भी उपस्थित रहे।