अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। कृतिका और मनीष को बेहद करीब से जानने वाले उनके दोस्तों से पुलिस ने पूछताछ की। दोस्तों को भी उनकी प्रेम कहानी के ऐसे खौफनाक अंत की उम्मीद नहीं थी। दोस्तों ने बताया ललितपुर में कृतिका और मनीष एक साथ पढ़ते थे। एक ही मोहल्ले का होने के नाते साथ में आना-जाना था।
2018 से दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए। दोनों साथ में जीने मरने की कसमें खा बैठे। इस बीच पारिवारिक स्थिति की वजह से मनीष कामकाज में जुट गया जबकि कृतिका झांसी चली आई। यहां रहकर पढ़ाई करने लगी। मनीष जीविकोपार्जन के लिए सरकारी विभाग में गाड़ी चलाता था। उसके दोस्तों का कहना है 2024 में मनीष ने परिवार के दबाव में शादी कर ली। उसकी शादी के बाद से कृतिका ने उससे दूरी बना ली। कृतिका से दूरी मनीष को बर्दाश्त नहीं हुई। परिवार से झगड़ा करके करीब तीन महीने पहले गांव में पंचायत बुलाकर उसने पत्नी को तलाक दे दिया। तलाक के एवज में ढाई लाख रुपये नकद एवं दहेज का सारा सामान भी लौटाया।
इसके बाद भी कृतिका उससे बात करने को राजी नहीं हुई। यह बात उसे परेशान करने लगी। फोन करने पर कृतिका ने उसका मोबाइल नंबर ब्लॉक भी कर दिया था। इससे मनीष परेशान रहने लगा। कृतिका से मिलने की कोशिश में वह उसके हॉस्टल के भी चक्कर काटता था। बड़ा भाई कर चुका सुसाइड, दुर्घटना में पिता गवां चुके हाथ : मनीष के पिता बिहारी लाल ललितपुर में मसाले का छोटा कारोबार करते हैं। पुलिस को छानबीन में मालूम चला कि करीब छह साल पहले बड़े बेटे महेंद्र के साथ दुर्घटना में बिहारीलाल घायल हो गए थे। उनका एक हाथ खराब हो गया जबकि बड़े बेटे महेंद्र को अत्यधिक चोट आ गई। इससे वह ठीक नहीं हो पा रहा था। हताश होकर महेंद्र ने फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया था। मनीष पर ही परिवार का पूरा दरोमदार था लेकिन परिवार को मंझधार में छोड़कर उसने भी मौत की राह चुन ली। उसकी मौत से परिवार में रोना-पिटना मचा है।
दोनों के ही परिजन देर-शाम झांसी पहुंच गए। किसी से बात करने को राजी नहीं हुए। उन्होंने चुप्पी साध रखी है। उधर, मनीष के इस खौफनाक कदम से ललितपुर में उसके जानने वाले हैरान रह गए। उनका कहना है कि मनीष स्वभाव से बेहद शांत एवं मिलनसार था। ऐसे में उसने यह खौफनाक कदम कैसे उठाया, इसे लेकर हैरान हैं। उसके दोस्तों ने स्टेटस लगाकर हैरानी जताई।