टोड़ीफतेहपुर (झांसी)। कोविड 19 के दौर में कस्बा स्थित प्राथमिक नवीन स्वास्थ्य केंद्र एक चौकीदार के भरोसे पर चल रहा है। यहां न कोई चिकित्सक है और न कोई अन्य स्वास्थ्य कर्मचारी। लाखों रुपये की लागत से बना यह सरकारी अस्पताल
दयनीय स्थिति में है। कोविड 19 के बावत अगर किसी को कोई जानकारी लेना है तो सरकारी अस्पताल में बताने बाला तक कोई नहंी है।
कस्बे के लोगों ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों से लेकर क्षेत्रीय जन प्रतिनिधियों तक को अवगत कराये जाने के बाद भी स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल स्थिति में हैं। कस्बे एवं क्षेत्र के युवाओं सहित लोगों ने मुख्यमंत्री से स्वास्थ्य सेवाएं चालू कराये जाने की मांग की है।
कोविड 19 से बचाव के लिए समय-समय पर शासनादेश जारी किए जा रहे हैं। गुरसरांय में कोरोना संक्रमण ने अपने पैर पसारते हुए छह लोगों को बीमार कर दिया। अगर जिला प्रशासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की व्यापक व्यवस्था नहीं की जाती है तो वो दिन दूर नहीं है जब कोरोना संक्रमण ग्रामीण क्षेत्रों में अपने पैर पसारना शुरू कर देगा। गुरसरांय का बाजार ग्रामीण क्षेत्र एवं कस्बे के व्यापारियों का मुख्य बड़ा बाजार है जहां से व्यापारी एवं दुकानदारों का आए दिन गुरसरांय बाजार जाना होता है। वहीं दुकानदार जांच कराए गैर कस्बा एवं क्षेत्र में प्रवेश करते हैं। जो एक चिंता का विषय है। गुरसरांय की दूरी कस्बे से मात्र 18 किलोमीटर के लगभग है जहां लोग आवागमन कर रहे हैं, जिन्हें रोकने टोकने वाला कोई नहीं है।
यहां स्वास्थ्य संबंधी कोई व्यापक व्यवस्था नहीं है, जब कोरोना महामारी ग्रामीण क्षेत्रों में भी अपने पैर पसार लेगी जो एक फिर बहुत बड़ा चिंता का विषय बन जाएगा।
राहुल जैन
देश इस समय कोरोना महामारी के बड़े दौर से गुजर रहा है और यहां की स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं, लोग स्वास्थ्य सेवा न मिलने की वजह से बड़े बुरे दौर से गुजर रहे हैं।
राघवेन्द्र सिंह
व्यापारियों एवं दुकानदारों का गुरसरांय बाजार जाना आए दिन बना रहता है और गुरसरांय में कोरोना महामारी ने अपने पैर पसारते हुए छह लोगों को अपने आगोश में ले लिया है।
विनोद राजपूत
सरकारी अस्पताल एक चौकीदार के भरोसे पर चल रहा है। अस्पताल में कोविड 19 के तहत कोई स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध तक नहीं हैं। वर्षों से कोई डॉक्टर तक नहीं है।
पुष्पेन्द्र सूरोठिया