संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। भोजला मंडी में किसान आढ़तियों को अपनी फसल बेचकर हाथों हाथ पैसे ले जा रहे थे। एआर कोऑपरेटिव ने क्रय केंद्र खोलने के लिए सूची भेजी। अनुमोदन मिलने पर चार को जिम्मेदारी दी गई। एक केंद्र को बुधवार को खोल दिया गया और 34 एमटी मूंगफली खरीद हुई। तीन और केंद्र जल्द ही खुलने से सरकारी क्रय का आंकड़ा बढ़ जाएगा।
भोजला मंडी में किसान मूंगफली की फसल बेचने के लिए पहुंच रहे हैं। मध्य प्रदेश के जिले से भी किसान यहां आ रहे हैं। इधर, आढ़तियों को कम दाम में किसान अपनी फसल बेचने के लिए मजबूर हैं लेकिन, उनका यह मानना है कि उन्हें कम समय में मूंगफली की बोली लगाने पर तुलाई के बाद हाथों हाथ रुपये दिए जा रहे हैं।
सरकारी केंद्र पर मूंगफली खरीद के बाद गोदाम में पहुंचने पर किसानों के खातों में राशि हस्तांतरित होगी। वहीं, आढ़तियों का कहना है कि वह किसी किसान से जोर जबरदस्ती कर उनकी उपज नहीं खरीद रहे हैं। बुधवार को कई किसान मूंगफली लेकर पहुंचे और ढेर लगाकर बोली में अपनी फसल को बेच दिया। एआर कोऑपरेटिव कृष्ण कुमार ने बताया कि सरकारी क्रय केंद्र पर मूंगफली की खरीद उसकी क्वालिटी के आधार पर हो रही है। यानी बड़े दाने की मूंगफली ही खरीदी जाएगी। इसलिए खरीद से पहले जांच करने के बाद ही खरीद होगी।
डीएम ने किया भोजला मंडी का निरीक्षण
भोजला मंडी में नेफेड और पीसीयू के दलहन-तिलहन क्रय केंद्र मधुवन ऑर्गेनिक प्रॉड्यूसर कंपनी लिमिटेड का जिलाधिकारी मृदुल चौधरी ने निरीक्षण किया। इस दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि मूंगफली खरीद में किसी भी तरह की कोई समस्या न हो। केंद्र पर किसानों को दी जाने वाली समस्त सुविधाएं उपलब्ध हो। जिलाधिकारी ने क्रय केंद्र का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में क्रय केंद्र प्रभारी द्वारा पाॅश मशीन एवं लेपटॉप का अवलोकन कराया गया एवं कांटा व भार मापने की मशीन को देखा। जिलाधिकारी को क्रय केंद्र प्रभारी ने बताया कि क्रय केंद्र पर मूंगफली का समर्थन मूल्य 7263 रुपये प्रति कुंतल है।
सरकारी क्रय केंद्र पर लंबी लाइन लगाने के बाद नंबर आता है। ऐसे में भाड़े पर लाए गए वाहनों का खर्चा भी बढ़ जाता है। इसलिए आढ़तियों को फसल बेच रहे हैं। - शोभराम, टहरौली
मध्य प्रदेश में मूंगफली का क्रय केंद्र नहीं है और न ही वहां की मंडियों में आढ़तिये खरीद रहे हैं। इसलिए अपनी फसल को भोजला मंडी के आढ़तियों को बेच रहे हैं। - संजू, पृथ्वीपुर