बुधवार की शाम कानपुर रोड स्थित सब्जी मंडी में भीषण आग लग गई। इससे सात गोदामों में रखीं प्लास्टिक की तीस हजार क्रेट (टमाटर रखने वाली) जल गईं। इसके अलावा एक कार और स्कूटर भी चपेट में आ गए। आग से पचास लाख रुपये से अधिक के नुकसान का अनुमान है। आर्मी और फायर ब्रिगेड के दमकल दस्ते ने दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा सके।
सब्जी मंडी में कारोबार सुबह से शुरू होकर दोपहर लगभग दो बजे तक चलता है। इसके बाद दुकानें बंद हो जाती हैं। रोज की तरह बुधवार को भी सभी व्यापारी दोपहर में दुकानें बंद कर चले गए थे। शाम तकरीबन छह बजे वहां मौजूद पल्लेदारों ने मंडी परिसर में पीछे की ओर बने गोदामों से आग की लपटें और धुआं निकलते देखा। इसकी सूचना उन्होंने आढ़तियों को दीं। इससे पहले कि कोई कुछ कर पाता देखते ही देखते आग ने भीषण रूप धारण कर लिया। एक के बाद एक गोदाम धूं - धूं करके जलने लगे। आग ने सात गोदामों को अपनी चपेट में ले लिया। गनीमत यह रही कि मंडी के सामने स्थित आर्मी एरिया से 31 आर्म्ड डिवीजन (ऑर्डिनेंस यूनिट) की दो गाड़ियां तत्काल मौके पर पहुंच गईं। सेना के जवानों ने आग बुझाने का काम शुरू कर दिया। इसके अलावा सेना ने मंडी की ओर जाने वाली गाड़ियों को रोक दिया। इसके कुछ देर बाद फायर ब्रिगेड के छह गाड़ियां भी मौके पर पहुंच गईं। दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। आग से आढ़तिया हैदर असलम, तीरथ राम कुंदन दास, यूनुस, वहीद और रफीक के गोदाम जले।
बच गए नौ गोदाम
मंडी में जिस स्थान पर आग लगी वहां एकदूसरे से सटे हुए सोलह गोदाम हैं। गोदामों के ऊपर टीन शेड है, जबकि उनके बीच के पार्टिशन लोहे की जालियों व बांस की क्रे के बने हुए हैं। ज्यादातर गोदामों में बारदाना व प्लास्टिक की क्रेट रखी हुईं हैं। इन क्रेट में व्यापारी बाहर से टमाटर मंगाते हैं। खाली क्रेट यहां से भेजनी पड़ती हैं, जिनमें बाहरी जनपदों में टमाटर भरकर भेजे जाते हैं। एक क्रेट की कीमत 180 से 195 रुपये होती है।
बगैर सूचना के पहुंची आर्मी
मंडी में फायर ब्रिगेड से पहले आर्मी का दमकल दस्ता पहुंच गया था। मंडी के सामने सड़क के पार आर्मी की यूनिट है। मंडी से आग की लपटें और धुआं उठते देख कर्नल संजय ठाकुर ने इसकी सूचना दमकल दस्ते को दी। तत्काल आर्मी का दमकल दस्ता मौके पर पहुंच गया। जबकि, आमतौर पर सिविल प्रशासन के मदद मांगने पर ही आर्मी बचाव कार्य के लिए जाती है। आर्मी के मेजर जनरल एस झा ने भी मौका मुआयना किया। कर्नल संदीप शर्मा, लेफ्टिनेंट कर्नल राहुल शर्मा के साथ आर्मी के जवानों ने आग पर काबू पाया।
आर्थिक सहायता मांगेंगे व्यापारी
गोदामों में आग की वजह से आढ़तियों को भारी नुकसान हुआ है। वह बुरी तरह से बर्बाद हो गए हैं। बृहस्पतिवार को मंडी कारोबारी जिलाधिकारी से मिलकर आर्थिक सहायता मांगेंगे।
- अनीस राईन, अध्यक्ष ञ थोक सब्जी मंडी व्यापार मंडल
आग का कारण पता नहीं
आग लगने का कारण अभी पता नहीं चला है। व्यापारियों का कहना है कि गोदामों में बिजली कनेक्शन नहीं था, जिससे शार्ट सर्किट की गुंजाइश नहीं है।
- रमेश चंद्र, फायर स्टेशन आफिसर