अमर उजाला ब्यूरो
झांसी/उरई। झांसी सेक्टर विजिलेंस टीम ने बुधवार को कदौरा ब्लॉक में तैनात बीडीओ प्रतिभा शाल्या को उनके सरकारी आवास से एक लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने स्कूल में कराए गए इंटरलॉकिंग के भुगतान के एवज में यह रकम मांगी थी। शिकायत मिलने पर टीम ने जाल बिछाकर बीडीओ को रिश्वत की रकम के साथ पकड़ लिया। आरोपी बीडीओ के खिलाफ कदौरा थाने में भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
एसपी (विजिलेंस) राजेंद्र यादव ने बताया कि विवान कंस्ट्रक्शन एंड सप्लायर्स के प्रोपराइटर ने बीडीओ के रिश्वत मांगने की शिकायत की थी। बताया था कि उसने धमना स्थित परिषदीय विद्यालय परिसर में 9.86 लाख की लागत से इंटरलॉकिंग कराई थी। काम पूरा होने के बाद भी भुगतान नहीं हो रहा था। चार महीने से वह चक्कर काट रहा था। बीडीओ प्रतिभा शाल्या से बात करने पर उन्होंने भुगतान के एवज में एक लाख रुपये मांगे।
शिकायत मिलने पर विजिलेंस टीम हरकत में आई। शुरुआती जांच-पड़ताल के बाद टीम ने जाल बिछाया। बुधवार सुबह शिकायतकर्ता विवेक सिद्धार्थ एक लाख रुपये लेकर बीडीओ के सरकारी आवास पहुंचा। ट्रैप टीम पहले से वहां मौजूद थी। जैसे ही विवेक ने बीडीओ को रुपयों के बंडल थमाए, टीम ने उसे धर दबोचा। टीम को देख बीडीओ ने हाथ में लिए रुपयों के बंडल जमीन पर फेंक दिए। बीडीओ के पकड़े जाते ही वहां खलबली मच गई। टीम आरोपी को गिरफ्तार कर कदौरा थाने लेकर आई। एसपी राजेंद्र यादव के मुताबिक बीडीओ के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराकर आगे की कार्रवाई की जा रही है। ट्रैप टीम में निरीक्षक पीयूष पांडेय, शेषमणि त्रिपाठी, अतुल कुमार आदि मौजूद रहे।