अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। रक्सा के गेवरा गांव निवासी मोहन सिंह यादव (43) ने बीमारी से परेशान होकर फंदा लगाकर जान दे दी। परिजनों ने बताया कि मोहन करीब दो साल से कैंसर से पीड़ित था। कई जगह इलाज कराने पर भी फायदा नहीं हुआ। अब उसके शरीर में दर्द बढ़ गया था। इससे वह परेशान रहता था।
परिजनों ने बताया कि पत्नी विद्या एवं दो बेटों के साथ मोहन गांव में रहकर खेती-किसानी करता था। मोहन का दिल्ली में इलाज चल रहा था। कुछ दिनों पहले मोहन को लेकर परिजन घर लौटे थे। सोमवार सुबह बेटा पंकज दूध बांटने झांसी गया था। दोपहर को पंकज के लौटने पर घर का दरवाजा अंदर से बंद था।
दरवाजा खुलवाने पर पिता का शव फंदे से लटका मिला। फंदे से उतारकर वह उसे लेकर मेडिकल अस्पताल पहुंचा। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। भाइयों में मोहन तीसरे नंबर का था। उसकी मौत से परिवार में रोना-पिटना मचा है। थानाध्यक्ष रूपेश कुमार ने बताया कि बीमारी से मोहन परेशान रहता था। इस वजह से उसने यह आत्मघाती कदम उठाया।