संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। बंगलुरू राजधानी एक्सप्रेस में सवार फौजियों के समूह व टीटीई स्टॉफ के बीच रविवार देर रात विवाद हो गया। ट्रेन अधीक्षक ने चेन पुलिंग कर गाड़ी रोक दी। टिकट चेकिंग स्टॉफ, जीआरपी, आरपीएफ के साथ मिलिट्री पुलिस ने फौजियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह उतरने को तैयार नहीं हुए। ट्रेन अधीक्षक का कहना था कि कई फौजी वेटिंग टिकट पर यात्रा कर रहे थे और जिन यात्रियों की कन्फर्म सीट थी, उन पर कब्जा जमा लिया था। इस बीच ट्रेन 10 मिनट तक खड़ी रही।
हजरत निजामुद्दीन से चलकर बंगलुरू जा रही राजधानी एक्सप्रेस (22692) के एसी कोच बी-1, बी-2, बी-3 से लेकर बी-10 कोच में बड़ी संख्या में फौजी सवार थे। कई फौजियों के पास वेटिंग टिकट था। टीटीई स्टॉफ का आरोप है कि फौजियों ने कंफर्म टिकट पर यात्रा कर रहे लोगों की सीट पर कब्जा जमा लिया। समूह में होने के कारण किसी यात्री ने विरोध करने की हिम्मत नहीं जुटाई। झांसी स्टेशन पर पहुंचने से पहले चेकिंग के दौरान जब टीटीई स्टॉफ ने एक सीट पर दो फौजी देख टिकट मांगे तो बताया गया कि एक फौजी का टिकट कंफर्म है, लेकिन दूसरा वेटिंग टिकट पर यात्रा कर रहा है। चेकिंग स्टॉफ ने इसकी शिकायत टीएस (ट्रेन अधीक्षक) से की।
प्लेटफार्म नंबर दो पर रात 01:10 बजे ट्रेन के आने पर हेड टीटी स्टॉफ, जीआरपी व आरपीएफ के जवान मिलिट्री पुलिस के साथ कोच में पहुंचे। फौजियों ने बताया कि वह समूह में यात्रा कर रहे हैं। कई के पास वेटिंग टिकट है, इस कारण वह अलग-अलग बैठ गए। वे किसी यात्री को परेशान नहीं कर रहे हैं। लेकिन मिलिट्री पुलिस के समझाने के बाद भी फौजी ट्रेन से उतरने को तैयार नहीं हुए। सिग्नल होने पर गाड़ी को रवाना होते देख ट्रेन अधीक्षक ने चेन पुलिंग कर गाड़ी को रोक लिया। बाद में फौजियों को समझा-बुझाकर किसी प्रकार ट्रेन को 10 मिनट की देरी से करीब डेढ़ बजे रवाना किया जा सका।
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फौजियों का समूह कहीं ड्यूटी पर जाने के लिए ट्रेन में सवार था। कुछ के पास कंफर्म तो कुछ के पास वेटिंग टिकट था। चेकिंग के दौरान ट्रेन अधीक्षक को इस पर आपत्ति थी। उन्होंने वेटिंग टिकट पर यात्रा कर रहे फौजियों को उतारने का मैसेज कंट्रोल रूम में दिया। लेकिन फौजी ड्यूटी पर जा रहे थे, ऐसे में उन्हें समझा-बुझाकर गाड़ी को रवाना किया गया।
अमन वर्मा, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक