अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बड़ागांव के महाराजपुरा गांव निवासी शैलेंद्र कुशवाहा (22) ने मंगलवार शाम फंदा लगाकर जान दे दी। बुधवार सुबह पिता ने उसका शव फंदे से लटका देखा। परिजनों का कहना है कि शैलेंद्र अवसाद में था। इस वजह से कई दिनों से वह अकेले रहने लगा था। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
महाराजपुरा गांव निवासी धनीराम का बड़ा बेटा शैलेंद्र कुशवाहा पिता के साथ खेती-किसानी में हाथ बांटता था। परिजनों ने पुलिस को बताया कि मंगलवार रात खाना खाने के बाद शैलेंद्र खेत की रखवाली करने की बात कहकर निकला था। बुधवार सुबह धनीराम खेत देखने पहुंचे। शैलेंद्र नजर नहीं आया। उसे तलाशते हुए वह खेत के पास बने कमरे में पहुंचे तो यहां शैलेंद्र का शव पंखे के सहारे फंदे से लटका था। यह देख उनकी चीख निकल गई। शोर-शराबा सुनकर आसपास के लोग जमा हो गए। बड़ागांव पुलिस समेत फॉरेंसिक टीम भी पहुंच गई। परिजनों ने पुलिस को बताया कि कई महीने से वह डिप्रेशन में था। थाना प्रभारी संजय गुप्ता ने सुसाइड की पुष्टि करते हुए कहा कि परिजनों ने किसी तरह का आरोप नहीं लगाया है।