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Jhansi News: कार में मिली थी ओपी स्प्रिट से भरी केन, इसके बाद फैक्टरी तक पहुंची पुलिस

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अमर उजाला ब्यूरो
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झांसी। प्रेमनगर थाने की पुलिस टीम को वाहन चेकिंग के दौरान ओपी स्प्रिट से भरी केन बरामद हुई थीं। इसके बाद पुलिस कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए नकली शराब बनाने की फैक्टरी तक पहुंच गई। इस काले कारोबार के तार मध्य प्रदेश से भी जुड़े हुए हैं। मध्य प्रदेश निवासी तस्कर फरार है। साथ ही सामने आया कि आरोपी बेहद सफाई से अपने गोरखधंधे को अंजाम देते थे।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश एस ने बताया कि बिजौली पुलिस की टीम मध्य प्रदेश बॉर्डर के डगरिया तिराहे पर चेकिंग कर रही थी। इसी बीच मप्र के नंबर की एक कार वहां से गुजरी। पुलिस ने कार रोकी तो चालक उतरकर भागने लगा। पुलिस ने उसे पकड़कर पूछताछ की। उसने अपना नाम मेवातीपुरा निवासी दिनेश राय बताया। तलाशी में कार के अंदर से ओपी स्प्रिट से भरी एक केन बरामद हुई। पूछताछ में दिनेश ने बताया कि वह नकली शराब बड़ागांव थाना क्षेत्र के बराठा गांव निवासी अशोक कुमार राजपूत के मकान के पीछे बने एक कमरे में तैयार करता है। अशोक भी उसकी गैंग का हिस्सा है। पुलिस ने मकान पर दबिश देकर वहां से अवैध शराब समेत उपकरण मशीनें आदि बरामद कर लीं। आरोपियों ने बताया कि वे नकली शराब बनाकर मोंठ की एक लाइसेंसी शराब की दुकान पर बेच देते हैं। इसमें शराब ठेकेदार और सेल्समैन भी शामिल है। इस पर पुलिस ने बगरौली तिराहा मोंठ निवासी ठेकेदार प्रशांत राजपूत व सेल्समैन मोंठ के टाड़ा निवासी विवेक कुशवाहा को भी गिरफ्तार कर लिया। इसके अलावा शराब के क्वॉर्टर पर लगने वाले क्यू कोड, रेपर आदि उपलब्ध कराने वाले सारंध्रा नगर के पास कछियाना मोहल्ला निवासी राजेन्द्र राय को भी पुलिस ने पकड़ा। जबकि, स्प्रिट की सप्लाई देने वाला मध्य प्रदेश का तस्कर फरार है।
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पुलिस की पड़ताल में सामने आया कि आरोपी बड़ी ही सफाई से अपने काम को अंजाम देते थे। ये लोग स्प्रिट में पानी और रंग मिलाकर हूबहू असली जैसा क्वॉर्टर बनाते थे। शराब के शौकीन भी धोखा खा जाते थे।
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जान पर पड़ सकती थी भारी
आमतौर पर होली के त्योहार पर शराब की खपत बढ़ जाती है। साथ ही चुनाव के दरम्यान भी इसकी मांग बढ़ी रहती है। पकड़े गए नकली शराब बनाने के आरोपी आने वाले दिनों में शराब की बढ़ी हुई मांग को पूरा करने की तैयारी में जुटे हुए थे। वे धड़ल्ले से नकली शराब के असली जैसे क्वार्टर तैयार करने में जुटे हुए थे। फैक्टरी में रात में भी काम होता था। यह शराब लोगों की जान पर भी भारी पड़ सकती थी। गनीमत रही कि पुलिस ने समय रहते आरोपियों को दबोच लिया।
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पहले भी पकड़ी जा चुकी है फैक्टरी
आबकारी विभाग ने सात साल पहले शहर कोतवाली क्षेत्र के सूजे खां खिड़की मोहल्ले के एक मकान में नकली शराब बनाने की फैक्टरी पकड़ी थी। मौके से पुलिस को 155 जेरीकेन में 6200 लीटर शराब बनाने में प्रयुक्त होने वाली स्प्रिट मिली थी। इसके अलावा 1.90 लाख देसी शराब के नकली होलोग्राम, दो हजार नकली ढक्कन समेत बड़ी संख्या में खाली क्वार्टर बरामद किए थे। वहीं, यहां कच्ची शराब का कारोबार शहर से लेकर गांव-गांव में फैला हुआ है। आए दिन शराब की भट्टियां पकड़ी जाती हैं। इसके अलावा जमीन के अंदर छुपाकर रखी गई शराब को निकालने के लिए हैंडपंप लगे हुए मिल चुके हैं।
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