झांसी। मऊरानीपुर ब्लाक में चल रहे पानी के पायलट प्रोजेक्ट की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी अनुराग यादव ने कहा कि जिस तरह ग्राम देवरी घाट को मॉडल के रूप में चिह्नित कर कार्य किया जा रहा है, उसी प्रकार ब्लाक की शेष ग्राम पंचायतों में भी विभाग ट्रेनिंग माड्यूल तैयार कर उसके अंतर्गत ही कार्य करें। उन्होंने कहा कि इसमें शिक्षा विभाग को भी शामिल करें, ताकि बच्चों को पानी के महत्व तथा उसके संरक्षण के लिए जागरूक किया जा सके।
सोमवार को कलेक्ट्रेट स्थित गांधी सभागार में पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय भारत सरकार द्वारा सहायतित राष्ट्रीय पेयजल सुरक्षा अग्रगामी योजना मऊरानीपुर की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि क्षेत्र में पानी से होने वाली कोई बीमारी तो नहीं है, इसके लिए मदर चाइल्ड ट्रेकिंग सिस्टम स्वास्थ्य विभाग द्वारा तैयार कराया जाए। कुपोषण की जानकारी के लिए आईसीडीएस को योजना में शामिल किया जाए। उन्होंने कार्य में पारदर्शिता के लिए पूरे प्रोजेक्ट को वेबसाइट पर अपलोड करने के निर्देश दिए। ग्राम देवरी घाट और उसके मजरा पुरवा में स्वयंसेवी संस्था द्वारा ग्राम जल सुरक्षा योजना में चयनित कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने गांव में बनने वाले चेकडैम निर्माण के प्रस्ताव पर निर्देश दिए कि जहां का प्रस्ताव है वहीं, पर चेकडैम बनाया जाए इसका सत्यापन जरूर कराया जाए। मॉडल गांव की बैठक गांव में ही होगी, शेष ग्राम पंचायतों की बैठक में ग्राम प्रधान, सचिव, एएनएम, आशा आदि सभी को बुलाया जाए। उन्होंनेे कहा कि पायलट प्रोजेक्ट की तरह नगर निगम के किसी वार्ड का चयन करना चाहिए, क्योेंकि नगरीय क्षेत्र में भी जल संरक्षण की आवश्यकता है।
इस मौके पर पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय भारत सरकार की सलाहकार सौम्या श्रीवास्तव तथा राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन उप्र लखनऊ के नोडल अधिकारी नागेंद्र चौधरी, जिला विकास अधिकारी उग्रसेन सिंह यादव, उपनिदेशक कृषि डा. यू पी सिंह आदि उपस्थित रहे।