झांसी। विकास कार्यों एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा करने आए प्रदेश के मुख्य सचिव आलोक रंजन द्वारा विभिन्न अधिकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई को लेकर मंगलवार को फैक्स संदेश आ गया। इसके बाद संबंधित अधिकारियों को आरोप पत्र थमाकर उन्हें कार्यमुक्त कर दिया गया। वहीं, गढ़ूूका तालाब प्रकरण की जांच के आदेश दिए गए हैं।
26 जून को आए मुख्य सचिव ने समीक्षा के दौरान कार्य में लापरवाही बरतने पर झांसी और चित्रकूट मंडल के दो दर्जन अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए थे, लेकिन शासन से कार्रवाई संबंधी कोई आदेश नहीं आने के कारण अधिकारी जस के तस कार्य कर रहे थे। मंगलवार को शासन से विभिन्न विभागों में एक - एक कर फैक्स संदेश आने लगे। इसके बाद मुख्य सचिव की कार्रवाई की चपेट में आए अफसरों को आदेश थमाए जाने लगे। वहीं, चिरगांव ब्लाक के ग्राम गढ़ूका के निरीक्षण के दौरान नब्बे हजार रुपये की लागत से खोदा गया तालाब मौके पर नहीं मिलने के मामले में जांच के आदेश दिए गए हैं। वहीं, संयुक्त कृषि निदेशक जे एन माथुर के स्थानांतरण का आदेश भी आ गया। इसी तरह, नगर निगम के मुख्य अभियंता आर के वर्मा के स्थानांतरण व प्रतिकूल प्रविष्टि को लेकर प्रदेश शासन के सचिव श्रीप्रकाश सिंह का आदेश आ गया। अधिशासी अभियंता एस के गर्ग के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। उनके खिलाफ आरोपों की जांच मंडलायुक्त करेंगे।