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समाज सुधार के लिए पहले अपने में सुधार करो

Mon, 20 Jan 2014 05:50 AM IST
Jhansi
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झांसी। अखिल विश्व गायत्री परिवार शांति कुंज हरिद्वार के तत्वावधान में आयोजित संगोष्ठी में महाराष्ट्र समाज के उत्थान के लिए विचार व्यक्त किए गए।
महाराष्ट्र गणेश मंदिर में मंदिर समिति के अध्यक्ष चिंतामणि धुलेकर की अध्यक्षता व शांति कुंज के प्रतिनिधि सदानंद अंबेकर के मुख्य आतिथ्य में समाज के उत्थान के लिए संगोष्ठी आयोजित की गई। गायत्री परिवार के कार्यक्रम समन्वयक डा. विनोद खरे ने कहा कि महाराष्ट्र समाज ने प्रत्येक क्षेत्र में मानव रत्न दिए हैं। समर्थ गुरु रामदास, वीर शिवाजी, अहिल्या बाई, विनोबा भावे, लोकमान्य तिलक, महारानी लक्ष्मीर्बाई और अन्ना हजारे आदि ने पूरे देश को दिशा दी। सदानंद अंबेकर ने कहा कि समाज के उत्थान व सुधार के लिए हमें सबसे पहले अपने में सुधार करना होगा। इं. मनीष ने व्यक्तित्व के परिष्कार पर प्रकाश डाला। इस मौके पर योगाचार्य रजत अग्रवाल, राजीव इंदापुरकर, गजानन खानवलकर, मिलिंद देसाई, श्रीराम शिकन्या, लालता प्रसाद पांचाल आदि मौजूद रहे।
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भटके हुए लोगों को दिखाएं राह
झांसी। महाराष्ट्र गणेश मंदिर कमेटी के तत्वावधान में युवा चेतना कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शांति कुंज हरिद्वार के सदानंद अंबेकर ने कहा कि भटके हुए युवाओं को सत्कर्म करने के लिए प्रेरित करना चाहिए। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र के लिए योगदान देने की अपील की। इस मौके पर समन्वयक प्रो. विनोद खरे, मिलिंद देसाई, अजय खानवलकर, शरद चांदोरकर, नवीन अभ्यंकर, अनिलव जोशी आदि ने योगदान दिया।
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