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पत्रकार को पीटने वाला दरोगा निलंबित

Tue, 29 Oct 2013 05:43 AM IST
Jhansi
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झांसी। एक चैनल के पत्रकार और पार्षद की बेरहमी से पिटाई करने के मामले में सोमवार की शाम डीआईजी ने आरोपी मंडी चौकी इंचार्ज को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई सीओ सिटी की जांच रिपोर्ट आने की बाद की गई।
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बताते चलें कि बीते 25 अक्तूबर को नरेंद्र मोदी की रैली में भाग लेने के लिए बरुआसागर के पार्षद जितेंद्र बिरथरे झांसी आए थे। वह रात करीब 11.40 बजे कार से घर जा रहे थे। रास्ते में बस स्टैंड के पास उन्हें बरुआसागर का परिचित एक परिवार वाहन का इंतजार करते दिखा तो उन्होंने रुक कर उन्हें बैठा लिया। लोगों को कार में बैठता देख नजदीक खड़े सिपाही ने समझा कि वह डग्गेमार वाहन है। सिपाही ने कार की ड्राइविंग सीट पर बैठे पार्षद से रौब गालिब करते हुए कागजात दिखाने को कहा। इस पर पार्षद व सिपाही में कहासुनी हो गई। सिपाही कार समेत पार्षद को मंडी चौकी ले गया, जहां मौजूद मंडी चौकी इंचार्ज सुनीत कुमार सिंह ने उसकी जमकर पिटाई कर दी। इसकी सूचना पर निजी चैनल के पत्रकार कुलदीप अवस्थी चौकी पहुंच गए तो तमतमाए चौकी इंचार्ज सुनीत कुमार सिंह ने उनकी भी बेरहमी से पिटाई कर दी, जिससे उनके मुंह से खून बहने लगा और शरीर पर भी चोटें आईं। इसके बाद चौकी इंचार्ज ने बचने के लिए पार्षद व पत्रकार के खिलाफ दफा 34 में कार्रवाई कर दी। आरोप लगाया कि दोनों शराब के नशे में बस स्टैंड के पास झगड़ रहे थे।
इस मामले पर गुस्साए पत्रकारों ने जिलाधिकारी, एसएसपी व डीआईजी से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की थी। इस पर एसएसपी ने चौकी इंचार्ज को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया था। वहीं, डीआईजी सूर्यनाथ सिंह ने मामले की गंभीरता को देख सीओ सिटी कल्याण सिंह से जांच रिपोर्ट तलब की थी। सोमवार को जांच रिपोर्ट में आरोप सही पाए जाने के बाद डीआईजी एसएन सिंह ने चौकी इंचार्ज सुनीत कुमार सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
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मुकदमा दर्ज करने को लेकर विरोधाभास
निलंबित दरोगा के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के मामले को लेकर सोमवार की सायं से ऊहापोह की स्थिति बनी रही। एक तरफ डीआईजी का कहना है कि जिस दिन शिकायत लेकर पत्रकारों का डेलीगेशन आया था, उसी दिन मुकदमा दर्ज करने का आदेश एसएसपी को दे दिया गया था। वहीं, एसएसपी का कहना है कि दारोगा के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने संबंधी आदेश सोमवार सायं तक उन्हें नहीं मिला है, इसलिए मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है। यदि आदेश पत्र आएगा तो मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
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