झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में विगत दिनों एक कर्मचारी व शिक्षक के बीच हुई मारपीट का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। कर्मचारी महासंघ ने निर्दोष कर्मचारियों को इस मामले में फंसाने का आरोप लगाया है। इस मुद्दे को लेकर संघ पदाधिकारी सोमवार को कुलपति से मिलेंगे।
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के आवासीय परिसर में विगत दिनों एक कर्मचारी व शिक्षक के बीच मारपीट हुई थी। शिक्षक द्वारा एफआईआर दर्ज कराने के बाद कर्मचारी को पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। इधर, विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी इस मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। जांच कमेटी ने विगत शुक्रवार को एक दर्जन कर्मचारियों के लिखित बयान दर्ज किए। इस पर कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारी भड़क उठे। वीसी की अनुपस्थिति में उन्होंने कुलसचिव अशोक कुमार अरविंद का घेराव किया।
महासंघ अध्यक्ष नीरेंद्र यादव का कहना है कि मारपीट के समय कोई कर्मचारी नहीं था लेकिन, एक दर्जन कर्मचारियों के बयान दर्ज किए गए हैं। निर्दोष कर्मचारियों को इस मामले में बेवजह घसीटा जा रहा है। जांच के नाम पर कमेटी द्वारा कर्मचारियों की सर्विस बुक व दूसरी व्यक्तिगत जानकारियां एकत्रित की जा रही हैं। उनका कहना है कि विश्वविद्यालय मात्र शिक्षकों से संचालित नहीं होता है, इसमें कर्मचारियों की भी भूमिका अहम है। संघ अध्यक्ष का कहना है कि इस मामले पर प्रदेशीय संगठन व संयुक्त राज्य कर्मचारी महासंघ से भी समर्थन मांगा गया है।