झांसी। बृहस्पतिवार को मुहर्रम की सात तारीख पर संगम विहार कालोनी में मजलिस का आयोजन किया गया, जिसे लखनऊ से आए मौलाना मिर्जा नुसरत अली ने खिताब किया।
इस दौरान मौलाना ने कहा कि कर्बला वालों से भारत का पुराना रिश्ता है। जब यजीद की फौज इमाम हुसैन को घेरकर कर्बला में कत्ल के लिए ले जा रही थी, तब इमाम हुसैन ने कहा कि था कि मुझे हिंदुस्तान जाने दो जहां मुसलमान तो नहीं, लेकिन इंसान बसते हैं। चंद्रगुप्त मौर्य को जब यह पता चला तो उसने इमाम हुसैन की मदद के लिए भारत से एक फौज कर्बला भेजी, तब तक इमाम हुसैन शहीद हो चुके थे। यह फौज तीन महीने कर्बला में रही। हुसैन ने कर्बला में इस्लाम को नहीं, इंसानियत को बचाया। ऐसे शहादत पूरी कायनात में कहीं न मिलेगी। ऐ हुसैन भारतवासी तुझे भुला नहीं सकते। इस दौरान नौहाख्वानी साहिल व सोज ख्वानी अली रजा, मु. आरिफ व मु. रजा ने की। मजलिस में प्रो. इकबाल खान, शरीफ मुहम्मद, बसी हैदर, नकी हैदर, अकील हैदर, नजमुल हसन, नासिर हुसैन, जाकिर हुसैन आदि ने शिरकत की।
फातिया पढ़ की इबादत
झांसी। मुहर्रम पर्व के मौके पर नगर के ताजियों पर फातिया पढ़ी गईं तथा मुस्लिमों ने इबादत की।
गंदीगर टपरे पर ग्वालियर से बनकर आए करीब बख्श के ताजिये पर लोगों ने फातिया दिलाईं। वहीं, रानी महल के निकट सजाए गए रानी के ताजिये पर मुहर्रम की सातवीं तारीख को तवर्रुख प्रसाद वितरित किया गया। इस दौरान समिति अध्यक्ष अब्दुल रसीद, मोहन नेपाली, कैलाश चंद्र जैन, डा. धन्नूलाल गौतम, उत्कर्ष साहू, संजय पटवारी, विजय जैन, राजू कैलेंडर वाले, सूर्यप्रकाश अग्रवाल, मोहन तिवारी, रवीश त्रिपाठी, प्रवीण जैन, डा. नीति शास्त्री, रंजना विद्रोही, लाले चौधरी, शमीम राज, हमीदा अंजुम आदि ने विचार प्रकट किए।
मुहर्रम जुलूस की तैयारियों पर चर्चा
झांसी। ताजिया कमेटी की बैठक अध्यक्ष याकूब अहमद मंसूरी की अध्यक्षता में हुई, जिसमें 25 नवंबर को निकाले जाने वाले मुहर्रम के जुलूस की व्यवस्थाओं पर चर्चा हुई।
बैठक में तय हुआ कि प्रात: सभी इमारतें ताजिये, बुर्राक, मस्जिद, अखाड़े व अलम गंदीगर टपरा पर एकत्र होंगे। यहां मिसिलबद्ध होने के बाद सभी इमारतें सराफ बाजार, मानिक चौक, सिंधी तिराहा होते हुए रानी महल पहुंचेंगी। यहां जुलूस विसर्जित होने के बाद सभी इमारतें अपने इमामबाड़ों पर पहुंच जाएंगी। इसी प्रकार सभी इमारतें शाम को गंदीगर टपरे पर एकत्र होंगी। यहां से जुलूस बड़ाबाजार पहुंचेगा। यहां मुरली मनोहर मंदिर के सामने बुर्राक व अखाड़ों का मुकाबला होगा। शेष इमारतें लक्ष्मी ताल स्थित कर्बला विसर्जन के लिए ले जाई जाएंगी।
इस मौके पर नूर अहमद मंसूरी, अब्दुल लतीफ, हबीब मोहम्मद, तबरेज, आजाद, अकबर, फईम, मंसूर अहमद आदि मौजूद रहे। संचालन सलीमुद्दीन ने किया। आभार जुम्मन खां ने जताया।
इतवारी गंज में मजलिस आज
झांसी। इतवारी गंज स्थित हसन मंजिल में शुक्रवार को अपराह्न एक बजे विशेष मजलिस का आयोजन किया जाएगा। जाफरी यूथ फेडरेशन आफ इंडिया के महामंत्री सैयद शहंशाह हैदर आब्दी ने बताया कि मजलिस करबला के मैदान में हजरत इमाम हुसैन की सेना के सेनापति हजरत अब्बास को समर्पित होगी। मजलिस को सीतापुर से आए मौलाना सैयद वासिक रजा खिताब करेंगे। तदुपरांत, अलमे मुबारक की जियारत कराई जाएगी।