झांसी। साधु वासवानी जयंती पर मांस की बिक्री बंद रखने संबंधी आदेश को नगर निगम ने वापस ले लिया है। मोहर्रम के मद्देनजर उस दिन मांस विक्रेताओं को अपनी दुकानें खोलने की स्वीकृति दे दी गई है।
25 नवंबर को साधु वासवानी जयंती है। उनके अनुयायी इस दिन को निरामिष दिवस के रूप में मनाते हैं। अनुयायियों की भावनाओं का ध्यान रखते हुए इस दिन शहर में मांस की दुकानें बंद रहती हैं। इसके लिए नगर निगम प्रति वर्ष आदेश जारी करता है। इसी क्रम में नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने 17 नवंबर को मांस की सभी दुकानें 25 नवंबर को बंद रखने का आदेश जारी कर दिया था। इसी दिन मोहर्रम भी है। इसे देखते हुए सैंयर गेट बाहर स्थित कार्यालय में आयोजित बुंदेलखंड फुटकर मीट विक्रेता समिति की बैठक में मुख्य अतिथि सपा महानगर अध्यक्ष चौधरी असलम शेर ने कहा कि मोहर्रम का त्योहार मुस्लिमों के लिए काफी अहम होता है। इस दिन मांस के पकवान की फातहा दिलाकर उसे गरीबों में बांटा जाता है। यह परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। अत: नगर निगम को मांस बिक्री बंद रखने संबंधी आदेश वापस लेना चाहिए। समिति के अध्यक्ष लक्ष्मण प्रसाद ठागले, महामंत्री शकील अहमद आदि ने भी विचार व्यक्त किए। इस मौके पर गफ्फार कुरैशी, शैलेंद्र सिंह, राकेश, गगन खटीक, सलीम कुरैशी, सनी कुरैशी, मु. मुश्ताक, रहीस कुरैशी आदि मौजूद रहे। इस संबंध में जिलाधिकारी व महापौर को भी ज्ञापन दिया गया।
मोहर्रम को ध्यान में रखते हुए नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने मंगलवार को दोबारा आदेश जारी करते हुए 25 नवंबर को मांस की बिक्री रोकने संबंधी प्रतिबंध हटा लिया।