झांसी। वाणिज्य कर विभाग टैक्स चोरी की सभी संभावनाओं को एक- एक कर दूर करने में जुटा हुआ है। अब विभाग बहती में नया कॉलम शुरू कर रहा है, जिसमें वाहन में माल लदान करने वाले तीन बड़े व्यापारियों की बिल्टी नंबर के साथ- साथ व्यापारी के संबंध में पूरी जानकारी देनी होगी।
व्यापारी को एक प्रांत से दूसरे प्रांत में माल ले जाने के लिए बहती का प्रयोग करना पड़ता है। अक्सर एक वाहन में कई व्यापारियों का माल लदा होता है। ऐसे में बहती फार्म पर मात्र बिल्टियों की संख्या दर्शाई जाती है। हाल में लखनऊ में वाणिज्य कर कमिश्नर की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में मंथन किया गया कि अधिकांश ट्रकों में एक से अधिक व्यापारियों का माल लाया जाता है। खासकर परचून से लदे वाहनों में। बहती पर बिल्टियों की संख्या होने से पता नहीं लगता कि किन व्यापारियों का माल कहां से कहां जा रहा है। व्यापारी जो बिल लगा रहा है उसका टिन नंबर गलत तो नहीं है, माल भेजने वाला व्यापारी है कि नहीं। इन सभी संदेहों को दूर करने के लिए वाणिज्य कर विभाग के अफसरों ने बहती में नया कॉलम शुरू करने का निर्णय लिया। इस कॉलम में वाहन में माल लदान करने वाले तीन बड़े व्यापारियों की बिल्टी के नंबर के साथ- साथ व्यापारी के संबंध में पूरी जानकारी अंकित करनी होगी। इससे बहती फार्म में कॉलम की संख्या बढ़कर 19 की जगह 20 हो जाएगी। एडिशनल कमिश्नर ग्रेड टू सुनील त्रिपाठी ने बताया कि जल्द ही बहती में यह कॉलम शुरू होे जाएगा।
वाणिज्य कर: अक्तूबर माह का टारगेट पूरा
झांसी। वाणिज्य कर विभाग ने अक्तूबर माह में मिले 36 करोड़ रुपये राजस्व वसूली के टारगेट को पूरा कर लिया है। यह संभव हो सका है मंडलायुक्त की सख्ती की वजह से। इस बार पारीछा प्लांट, भेल और डायमंड सीमेंट आदि बड़े प्रतिष्ठानों से पर्याप्त राजस्व की प्राप्ति हुई है।
दरअसल, इसका मुख्य कारण अगस्त माह में डायमंड सीमेंट की अधिक बिक्री होना, भेल को आर्डर मिलना और पारीछा थर्मल पावर हाउस की नई इकाई शुरू होने से कोयले का आयात अधिक होना है। अन्य बड़ी फर्मों के टैक्स में भी अंतर आया है। एडिशनल कमिश्नर ग्रेड टू सुनील त्रिपाठी के अनुसार अक्तूबर माह में पिछले साल के तुलना में तेरह लाख अधिक राजस्व मिला है। नवंबर माह में राजस्व और अधिक मिले, इसका प्रयास किया जाएगा।
580.76 करोड़ है सालाना लक्ष्य
झांसी जोन को वित्तीय वर्ष का लक्ष्य 580.76 करोड़ का दिया गया है। इस वित्तीय वर्ष के सात माह बीतने के बाद 254.65 करोड़ राजस्व प्राप्त हो सका है। पिछले वर्ष झांसी संभाग ने तमाम प्रयासों के बाद 521 करोड़ के लक्ष्य के सापेक्ष 430 करोड़ रुपये ही प्राप्त किये थे।